Homeदेश-समाजउत्तराखंड में नाई की दुकान में काम करता था इरफान, दोस्त के साथ मिल...

उत्तराखंड में नाई की दुकान में काम करता था इरफान, दोस्त के साथ मिल 2 हिंदू नाबालिग को ले भागा: बरेली से गिरफ्तार, लड़कियाँ बरामद

उत्तराखंड में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मामला पिथौरागढ़ के धारचूला का है। यहाँ दो हिंदू नाबालिग बहनों को दो मुस्लिम शादी के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर भाग गए। इसको लेकर इलाके में तनाव फैल गया है। हालाँकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों नाबालिग बहनों को उत्तर प्रदेश के बरेली से बरामद कर लिया है।

उत्तराखंड में लव जिहाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मामला पिथौरागढ़ के धारचूला का है। यहाँ दो हिंदू नाबालिग बहनों को दो मुस्लिम शादी के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर भाग गए। इसको लेकर इलाके में तनाव फैल गया है। हालाँकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों नाबालिग बहनों को उत्तर प्रदेश के बरेली से बरामद कर लिया है।

पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने गुरुवार (8 फरवरी 2024) को बताया कि दोनों लड़कियों को बरेली से बचाया गया और एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित के खिलाफ IPC (आईपीसी) की धारा 363 और 376 तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का मुख्य आरोपित मोहम्मद इरफान धारचूला शहर में एक नाई की दुकान में काम करता था। वह किसी तरह दोनों नाबालिग लड़कियों के संपर्क में आया और उन्हें अपनी जाल में फँसा लिया। इसके बाद उन लड़कियों को वह बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश स्थित अपने गृह नगर बरेली लेकर चला गया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान इरफान ने खुलासा किया कि उसका इरादा लड़कियों को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु ले जाने का था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने शहर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने इस घटना को लव जिहाद का मामला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग शुरू कर दी।

यह घटना 1 फरवरी 2024 की है। शहर में तनाव को देखते हुए पुलिस ने लड़कियों को बरामद कर लिया और 4 फरवरी को इरफान को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अपराधी की गिरफ्तारी के बाद शहर में शांति और सामान्य स्थिति लौट आई है। इस घटना के बाद एसपी लोकेश्वर सिंह ने स्थानीय पुलिस को पिथौरागढ़ में रहने वाले सभी बाहरी लोगों का सत्यापन फिर से शुरू करने का फैसला किया है।

घटना के विरोध में धारचूला व्यापारी संघ का कहना है कि शहर में व्यापार करने वाले सभी बाहरी व्यापारियों का जब तक पुलिस सत्यापन नहीं हो जाता है, तब तक पंजीकरण नहीं होगा। धारचूला व्यापार संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने कहा, “हमने व्यापार संघ धारचूला में पंजीकृत सभी 630 व्यापारियों की सदस्यता रद्द कर दी है। व्यापारियों का नया पंजीकरण पुलिस द्वारा सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।”

भूपेंद्र सिंह थापा ने कहा कि पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल उन्हीं व्यापारियों का पंजीकरण किया जाएगा, जो वर्ष 2000 से धारचूला में व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यदि किसी परियोजना के लिए मजदूरों को शामिल करना आवश्यक हो जाता है तो संबंधित ठेकेदारों को अपनी जिम्मेदारी पर बाहर से मजदूरों को लेने की अस्थायी अनुमति दी जाएगी।”

बता दें कि उत्तराखंड लव जिहाद का नया टारगेट प्वॉइंट बना है। इसी शहर में साल 2019 में एक हिंदू युवती के साथ दुष्कर्म करके उसका वीडियो वायरल कर दिया गया था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने इसके लिए एक मुस्लिम युवक को दोषी बताया था। हिंदू संगठनों ने इस मामले को लव जिहाद बताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।

इसी तरह, अभी कुछ दिन पहले ही हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में नावेद मलिक नाम के एक युवक ने अमन बनकर एक हिंदू युवती को फँसाया। इसके बाद उसे अपने घर बुलाया और उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद युवती पर वह धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। इस घटना में पहले से ही शादीशुदा नावेद की बीवी भी शामिल रही।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -