Saturday, July 27, 2024
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आदेश कोर्ट का… लखनऊ में हमला पुलिस वालों पर: हबिदुल, अरशद, नौशाद, फज़ल, सैफ, आदिल, रेहान पर FIR, UP पुलिस के टारगेट पर अज्ञात लोग भी

हबिदुल, अरशद वारसी, मो. नौशाद, फज़ल अहमद, मो. सैफ खान, आदिल इस्तियाक, रेहान अली - पत्थरबाजों का कोई धर्म नहीं होता लेकिन नाम होता है। ये 7 लोग लखनऊ में पुलिस-प्रशासन पर हमला करने में शामिल थे। UP पुलिस बाकियों को भी खोज रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार (10 मार्च 2024) को अतिक्रमण हटाने गए प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला किया गया। प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही थी। पत्थरबाजी में नाबालिग और महिलाओं के भी शामिल होने की आशंका जताई गई है। इस मामले में पुलिस ने 7 नामजदों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इनके नाम हबिदुल, अरशद वारसी, मो. नौशाद, फज़ल अहमद, मो. सैफ खान, आदिल इस्तियाक और रेहान अली हैं। इसके अलावा कई अन्य अज्ञात हमलावरों का भी FIR में जिक्र है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला लखनऊ के थानाक्षेत्र महानगर का है। यहाँ LDA (लखनऊ विकास प्राधिकरण) के स्टाफ संजीव कुमार ने 10 मार्च (रविवार) को थाने में शिकायत दी। घटना के बारे में पुलिस ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर अकबरनगर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अमल में लाई जा रही थी। इसमें खासतौर से 3 बड़े मकानों को चिन्हित किया गया था। पहले 2 मकान गिराने के बाद बुलडोजर तीसरे अवैध मकान को गिराने में जुटा हुआ था। इसी दौरान एक 4 मंजिला बिल्डिंग का स्लैब नीचे गिरा।

तभी कुछ लोगों ने अफवाह फैलानी शुरू कर दी। यह अफवाह मलबे में कई लोगों के दब जाने को लेकर उड़ाई गई। इसके बाद अचानक घरों से कई लोग निकल आए। आरोप है कि इन सभी ने न सिर्फ लखनऊ विकास प्राधिकरण के स्टाफ बल्कि उनके साथ खड़े पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की।

हमलावरों के हाथों में डंडे भी थे। आशंका जताई जा रही है कि कुछ महिलाएँ और नाबालिग बच्चे भी उपद्रव में शामिल थे। इन दंगाइयों में कुछ ने रुमाल से अपने चेहरे ढँक रखे थे। हालाँकि प्रशासन की सतर्कता से हमले में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने अफवाह उड़ाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है।

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त फ़ोर्स मौके पर पहुँची और हालात को काबू किया। थोड़े समय के व्यवधान के बाद फिर से अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। हमले में पुलिस के 2 वाहनों और LDA की पोकलैंड मशीन को नुकसान पहुँचा है। इन सभी आरोपितों पर IPC की धारा 147, 186, 336, 332, 353 और 427 के साथ सार्वजानिक संपत्ति अधिनियन की धारा 2 व 3 व दंड विधि अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है।

घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन वीडियो में पत्थरबाजी करती उन्मादी भीड़ पुलिसकर्मियों को गालियाँ दे रही है।

LDA के स्टाफ संजीव कुमार की शिकायत पर हबिदुल,अरशद वारसी, मो. नौशाद, फज़ल अहमद, मो. सैफ खान, आदिल इस्तियाक और रेहान अली को नामजद करने के साथ सैकड़ों अन्य अज्ञात लोग आरोपित किए गए है। आरोपितों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। CCTV फुटेज के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात हमलावरों को भी चिन्हित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बढ़ रहे हैं पुलिस पर उन्मादी हमले

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से एक खास मकसद वाली भीड़ द्वारा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलों की संख्या में तेजी आई है। ताजा मामला दिल्ली के इंद्रलोक का है। यहाँ जबरन सड़क जाम कर के नमाज़ पढ़ रहे लोगों को बल प्रयोग कर के उठाने के बाद एक उन्मादी भीड़ ने पुलिस पर हमले का प्रयास किया था।

लखनऊ की ही तरह घटना हल्द्वानी में हुई थी। तब फरवरी 2024 में अब्दुल मलिक द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने गए नगर निगम और पुलिस स्टाफ पर भीषण पत्थरबाजी की गई थी। इस हमले में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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