Thursday, September 23, 2021
Homeदेश-समाज'गोलू बनकर आया... हाथ पकड़े-गाल छूए': 13 साल की बच्ची ने इंदौर के चूड़ी...

‘गोलू बनकर आया… हाथ पकड़े-गाल छूए’: 13 साल की बच्ची ने इंदौर के चूड़ी वाले तस्लीम की बताई करतूत, POCSO एक्ट के तहत केस

पीड़िता ने बताया है कि अली ने उसे चूड़ियाँ बेचने के लिए अपनी पहचान छुपाई और 'आधा जला' आधार कार्ड दिखाते हुए खुद को गोलू बताया।

मध्य प्रदेश के इंदौर में चूड़ीवाले की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इंदौर पुलिस ने 25 वर्षीय चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली के खिलाफ 13 साल की बच्ची को गलत तरीके से छूने और परेशान करने का मामला दर्ज किया है।

वायरल वीडियो में अली को गोविंद नगर इलाके में कुछ लोगों द्वारा पीटते देखा गया था। इसके बाद इंदौर पुलिस ने तीन मुख्य आरोपितों समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अब तक दो मुख्य आरोपितों राकेश पवार और राजकुमार भटनागर को गिरफ्तार कर चुकी है।

यह घटना तब सुर्खियों में आई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली को लोगों के एक समूह द्वारा पीटते हुए दिखाया गया था। वीडियो में एक शख्स उसकी पिटाई कर रहा था और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए उकसा रहा था। इस वीडियो पर नेटिजन्स के एक वर्ग ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।

कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “यह वीडियो अफगानिस्तान का नहीं बल्कि इंदौर का है। सीएम शिवराज चौहान के सपनों की भूमि में एक मुस्लिम चूड़ी विक्रेता को लूटा जा रहा है। नरेंद्र मोदी, क्या आपको यह भारत चाहिए था? इन आतंकियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी?”

मामले में असली हकीकत सामने आने से पहले उनके ट्वीट को खूब शेयर किया गया।

पुलिस के अनुसार, जिस वक्त मारपीट करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा रही थी तो उसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों के एक समूह ने थाने के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किया। अली की शिकायत के आधार पर, इंदौर पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 141 (गैरकानूनी सभा), 147 (दंगा), 395 (डकैती), 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

एक वीडियो बयान में, पुलिस ने कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर जमा भीड़ ने पुलिस की एक नहीं सुनी, जबकि अली को पीटने वालों खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जा रही थी। इसीलिए भीड़ जमा करने वालों के खिलाफ भी भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। जिले में सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है और नागरिकों से किसी भी तरह के बहकावे नहीं आने को कहा गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर किसी भी रिपोर्ट को वेरिफाई किए बिना फॉरवर्ड नहीं करने की सलाह पुलिस ने दी है।

तस्लीम अली के खिलाफ केस

इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार (23 अगस्त) को ट्वीट किया था, ”इंदौर में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार एक विशेष समुदाय का व्यक्ति हिन्दू नाम रखकर चूड़ियाँ बेच रहा था, जिसके कारण सारा विवाद हुआ।” उन्होंने कहा, “हमारे यहाँ सावन महीने में बहन-बेटियों के चूड़ियाँ पहनने की परम्परा है, उसने महिलाओं को केवल चूड़ियाँ पहनाने के लिए हिन्दू नाम रखा था, जबकि वह किसी दूसरे समुदाय का है। इसी तरह से उसके पास से दो आधार कार्ड बरामद हुए हैं।”

अली के खिलाफ दर्ज शिकायत में नाबालिग लड़की ने कहा है कि वह रविवार दोपहर करीब दो बजे उसके घर आया था और उस दौरान बच्ची के पिता घर से बाहर थे। पीड़िता ने बताया है कि अली ने उसे चूड़ियाँ बेचने के लिए अपनी पहचान छुपाई और ‘आधा जला’ आधार कार्ड दिखाते हुए खुद को गोलू बताया। लड़की ने कहा, “वह रविवार दोपहर करीब 2 बजे हमारे घर आया था, जब मेरे पिता बाहर थे। उसने अपनी पहचान गोलू के रूप में बताई और आधा जला हुआ आधार कार्ड दिखाया। हमने उससे चूड़ियाँ खरीदना शुरू किया। जैसे ही मेरी माँ पैसे लेने गई, चूड़ी-विक्रेता ने मुझे गंदी नजर से देखते हुए मेरा हाथ पकड़ कर कहा, “मैं तुम्हें चूड़ियाँ पहनने में मदद करूँगा’। उसने मेरे गालों को भी गलत तरीके से छुआ।”

पीड़िता का कहना है कि जब आरोपित ने उसे छुआ तो वह चीख पड़ी। इससे पीड़िता की माँ घबरा गई और उसे बचाने के लिए दौड़ी, जिसके बाद अली ने कथित तौर पर लड़की को धमकाया और भाग गया। इस बीच पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। इंदौर पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) और IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में उपयोग करना) के तहत मामला दर्ज किया है।

फर्जी पहचान पत्र का मामला

पुलिस के मुताबिक अली के पास से फर्जी दस्तावेज पाए गए। उसके पास दो आधार कार्ड थे। एक में नाम ‘मोर सिंह का बेटा असलम’ और दूसरे में ‘मोहर अली का बेटा तस्लीम’ था। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने कहा, “पुलिस को अली के कैरी बैग से अलग-अलग नामों के दो आधार कार्ड और एक जला हुआ मतदाता पहचान पत्र मिला है, जिसमें उसका नाम स्पष्ट नहीं था। लेकिन पिता के नाम के कॉलम में ‘मोहन सिंह’ छपा हुआ है। पुलिस को उसके पास से एक अलग नाम का वोटर आईडी कार्ड भी मिला है।

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने अली का एक वीडियो साझा किया। इसमें अली कहता है, “कुछ साल पहले मेरे गाँव में मेरे निक नेम ‘भूरा’ के नाम से मेरा पहचान पत्र बनाया गया था, जबकि आधार कार्ड में मेरा नाम तस्लीम अली लिखा गया था। इनमें से कोई भी पहचान दस्तावेज नकली नहीं है और ये दोनों असली हैं।” हालाँकि, दो अलग-अलग नामों वाले आधार कार्ड रखने के मामले में अली ने कोई जवाब नहीं दिया है।

अली ने पाँच-छह लोगों के खिलाफ उसे पीटने की शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि भीड़ ने उसके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और 10,000 रुपए नकद, मोबाइल फोन, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज छीन लिए। उसका यही भी आरोप है कि भीड़ ने उसके पास से 25,000 रुपए कीमत की चूड़ियाँ भी छीन लीं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात के दुष्प्रचार में तल्लीन कॉन्ग्रेस क्या केरल पर पूछती है कोई सवाल, क्यों अंग विशेष में छिपा कर आता है सोना?

मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स की बरामदगी को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी ने जो दुष्प्रचार किया, वह लगभग ढाई दशक से गुजरात के विरुद्ध चल रहे दुष्प्रचार का सबसे नया संस्करण है।

‘मुंबई डायरीज 26/11’: Amazon Prime पर इस्लामिक आतंकवाद को क्लीन चिट देने, हिन्दुओं को बुरा दिखाने का एक और प्रयास

26/11 हमले को Amazon Prime की वेब सीरीज में मु​सलमानों का महिमामंडन किया गया है। इसमें बताया गया है कि इस्लाम बुरा नहीं है। यह शांति और सहिष्णुता का धर्म है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
123,782FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe