Homeदेश-समाजदुबई से लौटे 11 संदिग्ध मरीज, चकमा देकर अस्पताल से फरार: 1 की रिपोर्ट...

दुबई से लौटे 11 संदिग्ध मरीज, चकमा देकर अस्पताल से फरार: 1 की रिपोर्ट +VE, अस्पताल लौटना बेहद जरूरी

सभी 11 लोग दुबई क्रिकेट खेलने गए थे। इन्हें भारत लौटने के 2 घंटे बाद आइसोलेशन रूम में भेज दिया गया। लेकिन ये लोग सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर मौके से फरार हो गए।

भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या का आँकड़ा 109 पहुँच गया है। सबसे ज्यादा 32 मामले महाराष्ट्र से हैं। और इसी बीच ताजा जानकारी आई है कि महाराष्ट्र में 11 संदिग्ध मरीज अस्पताल से भाग गए हैं। टाइम्स नॉऊ की खबर के अनुसार अस्पताल से भागे इन संदिग्धों का दुबई यात्रा का इतिहास है। इन्हें हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। इनकी जाँच हो चुकी थी, मगर रिपोर्ट आनी बाकी थी।

जानकारी के अनुसार, ये लोग दुबई क्रिकेट खेलने गए थे। इन्हें भारत लौटने के 2 घंटे बाद आइसोलेशन रूम में भेज दिया गया था। लेकिन ये लोग सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद नवी मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन और स्थानीय पुलिस एक्शन में आई और इन्हें ढूँढने के लिए तलाशी अभियान शुरू हुआ।

यहाँ बता दें कि इन 11 लोगों में एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है और चूँकि पूरी टीम उसके साथ थी, तो उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के आसार हैं। इसलिए इन लोगों को वापस अस्पताल लौटना बेहद जरूरी है।

गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है जब कोरोना सस्पेक्टेड द्वारा इस प्रकार का लापरवाही वाला रवैया दिखाया गया हो। इससे पहले नागपुर में भी मामला सामने आया था। वहाँ कुछ संदिग्धों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। बाद में 5 में से 3 संदिग्ध वापस आ गए थे। उस समय कहा गया था कि पुलिस बाहर तैनात रहेगी। इसके अलावा बिहार के दरभंगा से भी ऐसा मामला सामने आया था। जहाँ संदिग्ध मरीज अस्पताल से भाग गया था।

वहीं कर्नाटक में भी दुबई से लौटे 4 मुस्लिम लोगों ने स्वास्थ्य अधिकारियों को धमकाया था और कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने से मना कर दिया था। इन चारों युवकों ने इस मनाही के पीछे इस्लाम को वजह बताया था और कहा था कि इस्लाम उन्हें मेडिकल टेस्ट करवाने की इजाजत नहीं देता।

‘हमें कोरोना नहीं होगा, मोदी को होगा, हमारे साथ अल्लाह है’ – जामिया प्रदर्शन पर बैठी बुजुर्ग महिला

‘इस्लाम इजाजत नहीं देता’: दुबई से लौटे 4 युवकों का कोरोना टेस्ट से इनकार, कर्नाटक में ही हुई थी पहली मौत

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -