Sunday, August 1, 2021
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CM उद्धव ठाकरे के सलाहकार अजय मेहता IT की रडार पर, फ्लैट डील की हो रही जाँच: रिपोर्ट

जाँच में खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री ठाकरे के सलाहकार ने अनामित्रा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की जिस कंपनी से यह फ्लैट खरीदा था, वह एक शेल कंपनी है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के दो शेयर होल्डर हैं। ये दोनों मुंबई की चॉल में रहते हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सलाहकार और पूर्व नौकरशाह अजय मेहता (Ajoy Mehta) पर आयकर विभाग ​जल्द शिकंजा कस सकता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग (IT) मेहता के नरीमन प्वाइंट वाले फ्लैट से जुड़ी डील पर बेनामी संपत्ति के तहत जाँच कर रहा है। मेहता को फरवरी 2021 में महारेरा (MahaRera) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

जाँच में खुलासा हुआ है कि मुख्यमंत्री ठाकरे के सलाहकार ने अनामित्रा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की जिस कंपनी से यह फ्लैट खरीदा था, वह एक शेल कंपनी है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के दो शेयर होल्डर हैं। ये दोनों मुंबई की चॉल में रहते हैं।

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस कंपनी को सिर्फ इस फ्लैट की डील के लिए बनाया गया था। कंपनी की बैलेंस शीट में कई गड़बड़ियाँ सामने आई हैं। साथ ही यह भी पता चला है कि दोनों शेयर होल्डर्स ने करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद रिटर्न भी दाखिल नहीं किया है। यह इस बात को प्रमाणित करता है कि फ्लैट की डील में धोखाधड़ी की गई है।

दस्तावेजों से यह भी खुलासा हुआ है कि मेहता ने साल 2020 में 5.33 करोड़ रुपए में 1076 स्क्वायर फीट का फ्लैट खरीदा था। इससे पहले साल 2009 में यह प्रॉपर्टी अनामित्रा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने 4 करोड़ रुपए में खरीदी थी। कंपनी के दो शेयर होल्डर्स में से एक कामेश नथुनी सिंह के इस कंपनी में 99 फीसदी शेयर हैं। इनका पता ओबरॉय मॉल के पास बताया गया है। इसके बावजूद उन्होंने अभी तक अपना आयकर रिटर्न नहीं भरा है। वहीं, दूसरे शेयर होल्डर का नाम दीपेश सिंह रावत है। उसने साल 2020-21 में केवल एक बार ही रिटर्न भरा था। इसमें उन्होंने अपनी आय 1 लाख 71 हजार 2 रुपए बताई थी।

रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इन दोनों शेयर होल्डर्स की आय बेहद कम है। ऐसे में स्पष्ट है कि ये करोड़ों की संपत्ति नहीं खरीद सकते हैं। डील विवाद पर सफाई देते हुए इंडिया टुडे को मेहता ने बताया, “प्रॉपर्टी के मालिक को जानने का मेरे पास कोई कारण नहीं है। वह एक कानूनी सौदा था, जिसे पूरी प्रक्रिया के साथ किया गया है। मैंने मॉर्केट वेल्यू के हिसाब से इसका भुगतान किया है। मैं एक करदाता हूँ और मुझे गड़बड़ियों के बारे में पता नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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