Tuesday, April 13, 2021
Home देश-समाज पालघर: साधुओं की लिंचिंग के बाद अब पुजारियों पर हमला, मंदिर में तोड़फोड़ और...

पालघर: साधुओं की लिंचिंग के बाद अब पुजारियों पर हमला, मंदिर में तोड़फोड़ और लूटपाट

पुलिस का कहना है कि, हमले के समय दोनों पुजारी हमलावरों की चंगुल से खुद को छुड़ाने में कामयाब रहे। मगर, उनको थोड़ी चोटे आई हैं। पुलिस ने बताया कि हमले के बाद मुख्य पुजारी ने खुद को आश्रम के कमरे में बंद कर लिया था। जबकि उनका सहायक परिसर से ही भाग गया था।

महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की लिंचिंग के कुछ हफ्ते बाद ही वहाँ के बालिवली में स्थित एक मंदिर के पुजारियों पर हमले की एक नई घटना सामने आई है। खबर है कि वहाँ 3 अज्ञात लोगों ने मंदिर के पुजारियों पर आक्रमण करके मंदिर में तोड़फोड़ और लूटपाट की, जिन्हें पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना गुरुवार (मई 28, 2020) को देर रात 12:30 बजे घटी, जब हथियार से लैस तीन लोग वसई तालुका में बालिवली के जागृत महादेव मंदिर व आश्रम में घुसे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने मंदिर के मुख्य पुजारी संकरानन्द सरस्वती (Sankaranand Saraswati) और उनके सहायक पर हमला बोला। बाद में मंदिर की दानपेटी तोड़कर करीब 6,800 रुपए की चीजें लेकर फरार हो गए।

पुलिस का कहना है कि, हमले के समय दोनों पुजारी हमलावरों की चंगुल से खुद को छुड़ाने में कामयाब रहे। मगर, उनको थोड़ी चोटे आई हैं। पुलिस ने बताया कि हमले के बाद मुख्य पुजारी ने खुद को आश्रम के कमरे में बंद कर लिया था। जबकि उनका सहायक परिसर से ही भाग गया था।

बता दें, इस मामले में तीनों अज्ञातों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 394 के तहत व अन्य उपयुक्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में अब इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक आरोपित को पुलिस ने कल गिरफ्तार कर लिया था। जबकि बाकी 2 की गिरफ्तारी आज हुई। अभी तक प्राप्त सूचना के मुताबिक, ये तीनों अज्ञात स्थानीय हैं, जो हथियारों से लैस होकर मंदिर में लूट के इरादे से आए थे।

गौरतलब है कि इस घटना से कुछ दिनों पहले पालघर में जूना अखाड़ा के दो साधुओं और उनके एक ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उस दौरान 400 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने हिंदू संतों पर आक्रमण किया था। मगर, पुलिस ने भीड़ पर फौरन उपयुक्त कार्रवाई करने की जगह ये स्पष्टीकरण दिया था कि भीड़ ने साधुओं को चोर समझकर मारा।

हालाँकि, बाद में एक वीडियो सामने आई, जिससे मालूम चला कि भीड़ ने पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर ही हिंदू संतों को बेरहमी से मारा और पुलिस केवल मूक बनकर तमाशा देखती रही। घटना के तूल पकड़ने के बाद ये भी खुलासा हुआ था कि साधुओं की हत्या के पीछे कुछ राजनैतिक एंगल भी थे।

इसके अलावा, याद दिला दें अभी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के नांदेड़ में दो अन्य साधुओं का शव भी बरामद हुआ था। इनकी पहचान बालब्रहम्चारी शिवचार्या महाराज गुरू और भगवान शिंदे के रूप में हुई थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेस में शरीफ होना पाप, प्रशांत किशोर की फौज को खुश कर मिलता है टिकट’: पंजाब के पार्टी नेता ने खोले राज

बंगाल में ममता बनर्जी की संभावित हार से पीछे छुड़ाने की कोशिश में लगे प्रशांत किशोर के लिए पंजाब की राह भी आसान नहीं दिखती।

जलियाँवाला नरसंहार वाले जनरल डायर का स्वर्ण मंदिर में सिरोपा दे हुआ था सम्मान, अमरिंदर के पुरखे भी थे अंग्रेजों के वफादार

जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के बारे में कौन नहीं जानता। यह नरसंहार अंग्रेज अधिकारी जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर के आदेश पर हुआ था। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अकाल तख़्त ने उसे सिरोपा देकर सम्मानित किया था।

लालू यादव की सलामती के लिए उनकी बेटी रखेंगी रोज़ा, अल्लाह-पाक से न्याय की भी दुआ करेंगी

लालू को कानून ने साबित कर दिया है कि वो अपराधी है, सजा दी जा चुकी है। लेकिन बेटी रोहिणी को यह मंजूर नहीं। वो पूरे महीने रोज़े रख कर...

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

भारतीय गणना ही सर्वोत्तम: विदेशी कैलेंडर गड़बड़ियों की तारीख से भरे, कभी 10 माह का साल तो कभी 10 दिन गायब

रोमन, जूलियन और ग्रेगेरियन कैलेंडरों में खासा कन्फ्यूजन था। अब भी है। कई त्रुटियाँ हुईं। किसी ने सूर्य को आधार माना तो किसी ने चन्द्रमा को। भारतीय प्राचीन कैलेंडर यूँ ही चला आ रहा है - सटीक।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।

गुफरान ने 5 साल की दलित बच्ची का किया रेप, गला घोंट मार डाला: ‘बड़े सरकार की दरगाह’ पर परिवार के साथ आया था

गुफरान अपने परिवार के साथ 'बड़े सरकार की दरगाह' पर आया हुआ था। 30 वर्षीय आरोपित ने रेप के बाद गला घोंट कर बच्ची की हत्या की।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,166FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe