Saturday, October 1, 2022
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पुणे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर पत्थरों से हमला: युनुस, मतिन और मोइन के खिलाफ मामला दर्ज

आरोपितों ने ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल शंकर कलकुटे के साथ मारपीट की। जिसमें वो घायल हो गए। शंकर कलकुटे पिंपरी-चिंचवाड़ के अतिक्रमण विरोधी दस्ते से हैं। वो वहाँ पर लॉकडाउन को पालन करवाने के लिए तैनात किए गए थे। शंकर कलकुटे ने इस मामले में वकाड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।

पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ के कालेवाडी इलाके में सोमवार (अप्रैल 27, 2020) शाम को ड्यूटी पर तैनात पुणे पुलिस एक कांस्टेबल की पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुणे पुलिस ने आरोपितों की पहचान युनुस अत्तार (50) और उसके 28 वर्षीय बेटे मतिन एवं 24 वर्षीय मोइन के रुप में की है। सभी कालेवाडी के रहने वाले हैं।

लॉकडाउनका पालन करवा रही पुलिस से की पिटाई

आरोपितों ने ड्यूटी पर तैनात पुणे पुलिस कांस्टेबल शंकर कलकुटे के साथ मारपीट की। जिसमें वो घायल हो गए। शंकर कलकुटे पिंपरी-चिंचवाड़ के अतिक्रमण विरोधी दस्ते से हैं। वो वहाँ पर लॉकडाउन को पालन करवाने के लिए तैनात किए गए थे। शंकर कलकुटे ने इस मामले में वकाड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।

उन्होंने अपनी FIR में कहा कि लॉकडाउन के प्रतिबंधों के बावजूद युनुस शाम के तकरीबन 5:30 बजे बिना किसी कारण के घूम रहा था। कांस्टेबल शंकर ने उसे समझाया और घर में रहने के लिए कहा। मगर युनुस और उसके दोनों बेटे कांस्टेबल के साथ उलझ गए और उनकी पिटाई कर दी।

शंकर कलकुटे ने अपनी FIR में यह भी कहा कि 28 वर्षीय मतिन ने उनके ऊपर छड़ी से हमला किया। तीनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की आगे की जाँच की जा रही है।

नमाज रोकने गई औरंगाबाद पुलिस पर पथराव

सोमवार को ही महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मस्जिद में नमाज पढ़ने को रोकने गई पुलिस पर लोगों ने पथराव किया। औरंगाबाद ग्रामीण में सोमवार रात 8 बजे हुई इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस पर पथराव करने वाली भीड़ में महिलाएँ भी शामिल थीं।

संभाजी मार्ग पर स्थित एक मस्जिद में करीब 100 लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे। पुलिस ने पहले उन्हें रोका और लॉकडाउन का हवाला देकर अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की। इस दौरान कुछ लोग भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव की खबर पाकर मौके पर मौके पर भारी संख्या में फोर्स पहुँच गई और लोगों को हटाया। साथ ही घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस पर पथराव की यह पहली घटना नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर लॉकडाउन का उल्लंघन कर सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। बहराइच, शाहजहाँपुर में नमाजियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। फिरोजाबाद में घंटों मजहबी नारे लगाए। इसके बाद एम्बुलेंस को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की गई। इसी तरह दिहवाकला स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने की सूचना मिली तो नमाजियों ने सिपाहियों पर हमला बोल दिया

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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