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महाराष्ट्र में कोरोना से पहले की तरह धूमधाम से मने बकरीद: SP नेता रईस शेख ने अनुमति के लिए लिखा उद्धव ठाकरे को पत्र

कोरोना महामारी के कारण त्योहार को धूमधाम से नहीं मना पाने के लिए मुस्लिम समुदाय में निराशा है, उन्होंने मुख्यमंत्री से समुदाय को इस साल कोरोना से पहले वाले समय की तरह त्योहार मनाने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र में कोरोना के अभी भी लाखों मामले हैं। करीब 1,74,000 से अधिक सक्रिय कोविड-19 केसों से जूझ रहे महाराष्ट्र में धूमधाम से बकरीद मनाने की तैयारी नजर आ रही है। इसके लिए समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर इस साल ईद-उल-अज़हा (बकरी ईद) का त्योहार धूमधाम से पहले की तरह मनाने की अनुमति माँगी है।

शेख ने पत्र में अपनी माँग को उचित ठहराते हुए कहा कि राज्य में कोविड-19 मामलों की संख्या में गिरावट आ रही है और अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए, अपने ट्वीट में शेख ने लिखा है, “हर मुस्लिम के लिए ईद-उल-फितर और ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) बहुत शुभ अवसर हैं। पिछले 2 वर्षों में, COVID-19 के कारण ठीक से ईद नहीं मनाई जा सकी। ईद-उल-अज़हा जुलाई में आ रहा है और मैं @CMOMaharashtra से समुदाय को इस पवित्र दिन को मनाने की अनुमति देने का आग्रह करता हूँ।”

उन्होंने उसी पत्र में आगे कहा, “शहर एक अनलॉक प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है और समारोह सुरक्षित और जिम्मेदारी से राज्य द्वारा बताए गए दिशा-निर्देशों के साथ आयोजित किए जाएँगे। समुदाय की ओर से, मैं @OfficeofUT से अनुरोध करता हूँ कि ईद-उल-अज़हा के शुभ अवसर के दौरान सभी गतिविधियों की अनुमति दें।”

पत्र में भिवंडी के एक विधायक रईस शेख ने यह भी बताया कि बकरियों की खरीद और त्योहार से संबंधित अन्य खरीद की तैयारी त्योहार से पहले शुरू हो जाती है। यह दावा करते हुए कि महामारी के कारण त्योहार को धूमधाम से नहीं मना पाने के लिए मुस्लिम समुदाय में निराशा है, उन्होंने मुख्यमंत्री से समुदाय को इस साल कोरोना से पहले वाले समय की तरह त्योहार मनाने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

बता दें महाराष्ट्र सरकार ने क्षेत्रों की सकारात्मकता दर के आधार पर राज्य के लिए 5-स्तरीय अनलॉक रणनीति की घोषणा की है।

राज्य के एक आदेश के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक गुरुवार को प्रत्येक जिले के लिए सकारात्मकता दर और ऑक्सीजन बिस्तरों का प्रतिशत घोषित करना होता है।

जिला प्रबंधन प्राधिकरण, इन्हीं मापदंडों के आधार पर तय करेंगे कि उनकी प्रशासनिक इकाइयों में किस स्तर के प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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