Homeदेश-समाजप्रवासी मजदूरों को झारखंड ले जा रही बस का एक्सिडेंट, सोलापुर में ड्राइवर समेत...

प्रवासी मजदूरों को झारखंड ले जा रही बस का एक्सिडेंट, सोलापुर में ड्राइवर समेत 4 की मौत

महाराष्ट्र के सोलापुर से 17 प्रवासियों को झारखंड लेकर जाने के लिए निकली बस सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में 15 प्रवासी घायल हो गए जबकि बस ड्राइवर समेत 4 लोगों की मृत्यु हो गई। महाराष्ट्र पुलिस ने...

महाराष्ट्र के सोलापुर से 17 प्रवासियों को झारखंड लेकर जाने के लिए निकली बस आज (मई 19, 2020) सुबह सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में 15 प्रवासी घायल हो गए जबकि बस ड्राइवर समेत 4 लोगों की मृत्यु हो गई। महाराष्ट्र पुलिस ने स्वयं इस घटना की पुष्टि की।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,आरणी तहसील में डंपर और राज्य परिवहन की बस में बहुत तेज भिड़ंत हुई। हादसा कितना भीषण था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।

हादसे के समय बस में 17 लोग सवार थे और ये बस, प्रवासी मजदूरों को लेकर महाराष्ट्र के सोलापुर से झारखंड जा रही थी। मगर, इसी बीच बस ने एक ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ये हादसा हुआ है। बता दें कि घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका इलाज करवाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संकट में सबसे ज्यादा दिक्कतें प्रवासी मजदूरों को आ रही हैं। ऐसे में लॉकडाउन होने के बावजूद भी वे पैदल अपने घर जाने की जद्दोजहद में मजबूर हैं और इसी कारण वे दुर्घटनाओं का शिकार भी हो रहे हैं।

महाराष्ट्र के सोलापुर से पहले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी मजदूरों की मौत की खबर आई थी। उस समय मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाइवे पर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार बस ने कुचल दिया था। इसमें 6 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

इस तरह की एक और भयावह घटना मध्य प्रदेश के गुना जिले में हुई। यहाँ 14 मई की सुबह 3 बजे एक ट्रक हादसे में 50 प्रवासी मजदूर घायल हो गए और 8 लोगों की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार प्रवासी मजदूर कंटेनर में सवार होकर महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश जा रहे थे। यह कंटेनर गुना कैंट थाना के समीप विपरीत दिशा से आ रही बस से टकरा गया। दुर्घटना में घायल हुए लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।

क्या एक एथेनॉल फैक्ट्री ने ही बर्बाद कर दी बर्नीहाट की हवा? असम-मेघालय सीमा पर बसे इस ‘दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर’ और उमियाम...

मेघालय का बर्नीहाट प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री के बाद बहस तेज हुई लेकिन इसकी टाइमलाइन और सरकारी रिपोर्ट अलग हकीकत दिखाती हैं।
- विज्ञापन -