Thursday, June 20, 2024
Homeदेश-समाजसड़क किनारे झुग्गी डाल रहते थे पाकिस्तान से आए निसार और अफरीदी, पुलिस बन...

सड़क किनारे झुग्गी डाल रहते थे पाकिस्तान से आए निसार और अफरीदी, पुलिस बन 4 राज्यों में की ठगी

दोनों ठग कभी पुलिस की वर्दी पहनकर तो कभी सूट पहनकर चौराहे पर खड़े हो जाते थे। खुद को अफसर बताकर सर्राफा कारोबारियों की तलाशी लेते थे और वारदात को अंजाम देते थे। 30 साल पहले बलूचिस्तान से दोनों भारत आए थे।

चार राज्यों में नकली पुलिस बन ठगी करने वाले नटवरलाल निसार और अफरीदी पाकिस्तान के बलूचिस्तान के रहने वाले हैं। दोनों 80 के दशक में ईरान और इराक के बीच चले युद्ध के दौरान भारत आ गए थे और यहाँ उत्तर प्रदेश के जिला जौनपुर में रहने लगे। दोनों ने यहाँ पर रहते हुए नकली पुलिस बन ठगी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया। दोनों ब तक चार राज्यों में 50 से ज्यादा ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। निसार और अफरीदी के इस गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब 16 जनवरी को ये पुलिस के हत्थे चढ़े।

पुलिस ने दोनों को तब गिरफ्तार किया जब वे ठगी के मंसूबे से मेरठ के सर्राफा व्यापारी के पास पहुँचे। कभी खुद को पुलिस तो कभी सेल्स टैक्स अधिकारी बताकर सर्राफा व्यापारियों के बैग की तलाशी लेने की आड़ में लूटपाट कर दोनों भाग जाते थे। महीने में चार वारदात करना उनका टारगेट होता था। दोनों आरोपित सीसीटीवी कैमरे में कैद थे, इसके बावजूद पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। इनके ऊपर 51 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया था।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

पुलिस के अनुसार पिछले काफी समय से सर्राफा बाजार में स्थानीय और बाहरी सर्राफा कारोबारियों से पुलिस की वर्दी में दो लोग ठगी और लूटपाट करते आ रहे थे। मगर पकड़ में नहीं आ रहे थे। इसको लेकर सर्राफा कारोबारी कई बार तीखा आक्रोश जता चुके थे। दोनों ठगी करते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे और उनके पोस्टर भी
सर्राफा बाजार में लगे हुए थे। गुरुवार (जनवरी 16, 2020) सुबह पुलिस की वर्दी में दो लोग बाइक से सर्राफा बाजार में घूम रहे थे। बाजार में मौजूद कॉन्सटेबल कुलदीप और आशू दिवाकर ने इन्हें देखा तो झट से पहचान लिया। दोनों पुलिस वालों को देखकर इन फर्जी पुलिसकर्मियों ने बाइक मोड़ ली तो कुलदीप और आशू ने पिस्टल निकाल ली और फिर इनका पीछा करते हुए धर दबोचा।

दोनों ठग कभी पुलिस की वर्दी पहनकर तो कभी सूट पहनकर चौराहे पर खड़े हो जाते थे और खुद को अफसर बताकर चेकिंग करते थे। इस शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए कॉन्सटेबल आशु दिवाकर को 5 हजार रुपए का इनाम दिया गया और साथ ही डीडीपी से भी उसे सम्मानित किए जाने किए जाने की संस्तुति की है।

पुलिस ने बताया कि दोनों ठग कुछ साल जौनपुर में रहने के बाद फर्रुखाबाद आकर रहने लगे थे, लेकिन ठगी का माल वो अब भी जौनपुर में ही बेचते थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों की निशानदेही पर 500 ग्राम सोना बरामद किया है। अफरीदी और निसार ने 24 अक्टूबर को मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन के पास सर्राफ सुरेश चंद से चेकिंग के नाम पर 400 ग्राम सोना लूट लिया था। पुलिस से पूछताछ के दौरान दोनों ने 50 से ज्यादा ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूली।

सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि दोनों का परिवार फर्रुखाबाद में सड़क किनारे झुग्गी डालकर रहता है। इससे पहले ये जौनपुर में रहते थे। पकड़े गए ठगों ने बताया कि उनके दादा बलूचिस्तान में रहते थे। मूल रूप से वे वहीं के रहने वाले हैं। ज्यादातर सोना जौनपुर के एक सर्राफा व्यापारी को बेचते थे। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।

6 महीने में 2 करोड़ रुपए की ठगी: बांग्लादेशी सलीम मोहम्मद को CCTV की मदद से पुलिस ने दबोचा

ठग ईसा खान ने पुलिस को कहा- ‘नौकरी करने से ज्यादा ठगी में आता है मजा, इसलिए करता हूँ’

चीखते रहे दरोगा लेकिन कार से 5Km तक घसीटता रहा युसूफ, ATM ठगी रैकेट का है सदस्य

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या NEET पेपर लीक के पीछे हैं तेजस्वी यादव, जिस सरकारी गेस्ट हाउस में पेपर लेकर आया था सिकंदर यदुवंशी उनसे क्या है RJD...

एनएचएआई गेस्ट हाउस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम और पथ निर्माण विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया कि पूरा मामला तेजस्वी यादव से जुड़ा हुआ है।

UGC-NET जून 2024 परीक्षा रद्द, 18 जून को 11.21 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा: साइबर क्राइम सेल से मिला सेंधमारी का इनपुट,...

परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द की जाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -