Friday, June 21, 2024
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‘आप डंडे के बूते देशभक्ति नहीं सिखा सकते…’ – Pak की जीत का जश्न मनाने वालों पर कार्रवाई से भड़कीं महबूबा, PM को लिखा पत्र

अपने पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “देशभक्ति की भावना को प्यार से बढ़ा सकते हैं। उसे डंडे और बंदूक के जोर पर नहीं बढ़ाया जा सकता।" महबूबा ने आगे लिखा है कि छात्रों पर ऐसी कार्रवाई से अविश्वास का माहौल और बढ़ेगा।

टी-20 विश्व कप क्रिकेट मैच में पाकिस्तान से भारत के हारने के बाद कुछ कश्मीरी छात्रों ने जो उनकी जीत का जश्न मनाया, उसके बाद उनके ऊपर कार्रवाई चल रही है। ऐसे में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और उन सभी की रिहाई के लिए हस्तक्षेप की माँग की है।

उन्होंने लिखा, “मैं आपको जम्मू-कश्मीर की भयावह स्थिति के बारे में गहरी निराशा और चिंता के साथ लिखती हूँ, अभी कुछ समय पहले जब आपने दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की थी, तो आपने दिल्ली और कश्मीर के बीच ‘दिल की दूरी’ को हटाने का इरादा व्यक्त किया था।”

अपने बयान में महबूबा ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को दोस्ताना मैच करार देते हुए कहा कि जो लोग पाकिस्तान की जीत का जश्न मना रहे थे वो बस जीतने वालों को चीयर कर रहे थे। ऐसे में उनके ऊपर UAPA जैसा भयावह धारा लगना गलत है।

पाकिस्तानियों की जीत में बम पटाखे फोड़ने वालों को महबूबा ने ‘अपने नौजवान लोग’ कहा और बताया कि वो एमबीबीएस जैसा प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं और उनके ऊपर एंटी टेरर कानून के तहत मुकदमा शुरू कर दिया गया है। 3 छात्रों को आगरा में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जबकि वो ऐसी किसी गतिविधि में शामिल तक नहीं थे।

महबूबा मुफ्ती ने पत्र में आगे कहा है, “कश्मीरी छात्रों को टारगेट करने का सिलसिला अभी भी जारी है, हमने सोचा था कि हम, लोगों के खासकर युवाओं के दिलों और दिमागों को संबोधित करने के लिए एक नीति के लागू होने का इंतजार कर रहे थे जबकि उनके खिलाफ तो छापेमारी, गिरफ्तारी, हत्याओं का सिलसिला बिन किसी रोक थाम के जारी है, दमन का स्तर और राज्य की असहिष्णुता एक नए निचले स्तर पर पहुँच गई है।”

महबूबा ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है, “मैं आपसे इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करती हूँ ताकि इन युवाओं का भविष्य खराब न हो।” महबूबा ने चिट्ठी में उम्मीद जताई है कि गिरफ्तार छात्रों की जल्द रिहाई कर दी जाएगी। अपने पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “देशभक्ति की भावना को प्यार से बढ़ा सकते हैं। उसे डंडे और बंदूक के जोर पर नहीं बढ़ाया जा सकता।” महबूबा ने आगे लिखा है कि छात्रों पर ऐसी कार्रवाई से अविश्वास का माहौल और बढ़ेगा।

महबूबा कहती हैं, “आप किसी को डंडे के बूते देशभक्त नहीं बना सकते। उन्हें हमदर्दी प्यार की जरूरत है ताकि आप यहाँ लोगों के दिलों को जीतें। वह कहती हैं खेल-खेल होता है। इसमें चाहे आगरा में हमारे बच्चों को जेल में बंद किया गया है। चाहे कश्मीर में उन्हें पकड़ा गया है। कौन किस खिलाड़ी को पसंद करता है। आप किसी के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकते। देश ने हमें ये हक दिया है कि हम किस खेल में किसको पसंद करें।”

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने टी20 विश्व कप मैच में 24 अक्टूबर, 2021 को भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान से हारने के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोप में 27 अक्टूबर, 2021 को 5 जिलों में 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रशासन की तरफ से इस तरह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ देशद्रोह (रासुका) के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के डाउनटाउन में भी पाकिस्तान की जीत पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने नारेबाजी करते हुए 24-25 अक्टूबर की रात में पाकिस्तान के समर्थन में जश्न मनाए थे। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ UAPA की धारा 13 और आईपीसी की धारा 105ए और 505 के तहत मामला दर्ज किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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