Homeदेश-समाजपंजाब के नवाँशहर में एयरफोर्स का मिग-29 क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित

पंजाब के नवाँशहर में एयरफोर्स का मिग-29 क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित

सुबह 10.45 बजे रूटीन ट्रेनिंग मिशन के लिए उडान भरी थी। उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी के चलते दिक्कत आई जिसे पायलट ने विमान को काबू करने की कोशिश की लेकिन जब विमान काबू से बाहर हो गया तो पायलट ने इजेक्ट किया और उन्हें......

पंजाब के होशियारपुर के पास भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य के नवाँशहर में एयरफोर्स का मिग-29 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। घटना लगभग सुबह करीब 11 बजे के आसपास की है। हालाँकि, इस घटना में यह अच्छी खबर रही है कि लड़ाकू विमान के पायलट सुरक्षित हैं।

इस हादसे से पहले ही दोनों पायलट सुरक्षित बाहर आ गए। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने हवा में उड़ते एक विमान में आग लगी देखी, और फिर उसके कुछ देर बाद लड़ाकू विमान एक खेत में जाकर गिर गया। बहरहाल घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के साथ ही भारतीय वायुसेना के अफसर घटनास्थल पर पहुँच गए हैं ।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10.45 बजे रूटीन ट्रेनिंग मिशन के लिए उडान भरी थी। उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी के चलते दिक्कत आई जिसे पायलट ने विमान को काबू करने की कोशिश की लेकिन जब विमान काबू से बाहर हो गया तो पायलट ने इजेक्ट किया और उन्हें हैलिकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू किया गया। पहले भी मिग लड़ाकू विमान के क्रैश होने की खबरें आती रही हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -