Wednesday, May 22, 2024
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केरल में अरुणाचल के श्रमिक की मॉब लिचिंग: महिला सहकर्मी से मिलने पर लोगों ने खंभे से बाँधकर पीटा, लहूलुहान हालत में छोड़ा; मौत के बाद 10 अरेस्ट

पिछले साल मई में बिहार के एक श्रमिक की भी केरल के मलप्पुरम जिले में चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक की पहचान राजेश माँझी के रूप में हुई थी। भीड़ ने चोरी के शक में उसे पकड़ा और फिर बाँधकर पिटाई की थी। पुलिस को इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया गया।

केरल के मुवत्तुपुझा में मॉब लिंचिंग की एक घटना में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले 24 वर्षीय प्रवासी श्रमिक अशोक दास गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को अपनी एक महिला सहकर्मी से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान भीड़ ने कथित तौर पर उन्हें रोका और एक खंभे से बाँधकर बुरी तरह पीटा। इस घटना में शुक्रवार (5 अप्रैल) को अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

दरअसल, अशोक दास नौकरी की तलाश में नॉर्थ ईस्ट के राज्य अरुणाचल प्रदेश से केरल आए थे। वे मुवत्तुपुझा के वलाकम में किराए के मकान में रह रहे थे। अशोक एक रेस्टोरेंट में रसोइये के रूप में काम कर रहे थे। इसी इलाके में उनकी एक महिला परिचित रहती थी। वे घटना वाले दिन उससे मिलने के लिए गए थे।

FIR के अनुसार, स्थानीय लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। भीड़ उनसे सवाल-जवाब करने लगी। जब उन्होंने गुस्साई भीड़ से बचने के लिए भागने की कोशिश की तो भीड़ ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया और रोड के किनारे एक लैंप पोस्ट से बाँध दिया और बर्बर तरीक से पीटा और लहूलुहान हालत में सड़क पर छोड़कर चले गए।

इस पिटाई से उनकी छाती और सिर में गहरी चोटें आईं। अशोक को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालाँकि, उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें कोलेनचेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया। यहाँ पर उनका इलाज चल रहा था, लेकिन चोटों के कारण 5 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके लोगों की पहचान शुरू कर दी। प्रारंभ में एक लोक सेवक के आदेश का पालन करने में विफलता के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालाँकि, प्रारंभिक जाँच के बाद आरोप में आईपीसी की धारा 302 को भी शामिल कर दिया गया है, जो हत्या से संबंधित है।

केरल पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। बाकियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना कि वह उन परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनके कारण यह हमला हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिस महिला से अशोक दास मिलने के लिए गए थे, उसने उनके कोई खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

बता दें कि पिछले साल मई में बिहार के एक श्रमिक की भी केरल के मलप्पुरम जिले में चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक की पहचान राजेश माँझी के रूप में हुई थी। भीड़ ने चोरी के शक में उसे पकड़ा और फिर बाँधकर पिटाई की थी। पुलिस को इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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