Homeदेश-समाज'19 महीने में मंदिरों पर 120 हमले': आंध्र में अब भगवान की प्रतिमा के...

’19 महीने में मंदिरों पर 120 हमले’: आंध्र में अब भगवान की प्रतिमा के हाथ तोड़े, लोहे की रॉड का किया इस्तेमाल

इस घटना से 2 दिन पहले ही विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। मूर्ति रामतीर्थम गाँव के पास पहाड़ी की चोटी पर स्थित बोडिकोंडा कोदंडाराम मंदिर में विराजमान थी।

आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब राजमुंद्री के विघ्नेश्वर मंदिर में भगवान सुब्रमण्येश्वर स्वामी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। शुक्रवार (जनवरी 1, 2021) को प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिला था। इस मामले में केस रजिस्टर कर के पुलिस दोषियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि नए साल की रात (दिसंबर 31- जनवरी 1) में इस घटना को अंजाम दिया गया।

भाजपा ने इस घटना को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री जगह मोहन रेड्डी की निष्क्रियता दिखाती है कि उनका दोषियों को पूर्ण समर्थन है। वहीं ‘जन सेना’ के मुखिया और तेलुगु अभिनेता पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश में पिछले 1.5 वर्षों से चल रही मंदिरों पर हमले, प्रतिमाओं-रथों को क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार से माँग की है कि जाँच बिठाई जाए

उन्होंने इन मामलों की CBI जाँच की माँग की। पूर्व मुख्यमंत्री और TDP अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के आँकड़ों के अनुसार, 19 महीने में आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर हमले की 120 घटनाएँ हुई हैं और हाल ही में पीठपुरम में 6 प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया। बता दें कि राजमुंद्री का श्रीराम नगर ईस्ट गोदावरी जिले में पड़ता है। राजमुंद्री को आंध्र की सांस्कृतिक राजधानी भी कहते हैं, लेकिन लोगों का दावा है कि यहाँ ईसाई मिशनरियों का बोलबाला है।

इसके अलावा वंतालमामिडी के पड़ेरु घाट पर स्थानीय लोगों की इष्ट देवी कोमलम्मा की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की गई। ये मंदिर विज़ाग एजेंसी में स्थित मोडकोंदम्मा पडालू मंदिर के सामने स्थित है। उधर राजमुंद्री III टाउन के इंस्पेक्टर के दुर्गा प्रसाद ने बताया कि कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने लोहे की रॉड का इस्तेमाल कर के भगवान सुब्रमण्येश्वर की प्रतिमा तोड़ी। टूटे हाथ मंदिर में ही गिरे मिले। ये लुटेरों की करतूत नहीं है, क्योंकि मंदिर में से एक भी कीमती सामान गायब नहीं है।

इस मंदिर को 2002 में निर्मित किया गया था और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पुजारी मुरली जब सुबह पूजा करने गए, तब उन्होंने देखा कि भगवान सुब्रमण्येश्वर की मूर्ति क्षतिग्रस्त है और उनके हाथ गायब हैं। पुलिस का कहना है कि उसने स्थानीय CCTV कैमरों की फुटेज के निरीक्षण के बाद दोषियों की गिरफ़्तारी के लिए स्पेशल टीम बनाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नए साल का जश्न मनाने वालों ने इस घटना को अंजाम दिया है।

चंद्रबाबू नायडू ने अपने बयान में कहा, “जगन सरकार में भगवान तक सुरक्षित नहीं हैं। YSRCP सरकार जनता को सफाई दे। बेजवाड़ा कनक दुर्गा मंदिर में रथ के 3 शेरों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया था। अमरावती मंदिर में रथ में आग लगा दी गई। कहीं भी दोषियों की गिरफ़्तारी नहीं हुई। सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती तो अगली घटनाएँ होती ही नहीं।” सत्ताधारी पार्टी ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस घटना से 2 दिन पहले ही विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। मूर्ति रामतीर्थम गाँव के पास पहाड़ी की चोटी पर स्थित बोडिकोंडा कोदंडाराम मंदिर में विराजमान थी। उपद्रवी ताला तोड़ मंदिर के गर्भगृह में घुसे और और स्वामी कोदंडारामुडु का सिर काटकर अलग कर दिया। मुख्य मंदिर पहाड़ी की तलहटी में है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -