Tuesday, July 27, 2021
Homeदेश-समाजगर्भगृह में घुसे उपद्रवी, भगवान राम की 400 साल पुरानी मूर्ति का सिर धड़...

गर्भगृह में घुसे उपद्रवी, भगवान राम की 400 साल पुरानी मूर्ति का सिर धड़ से अलग: मंदिरों पर लगातार हमलों से घिरी आंध्र सरकार

“जिस समय अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण चल रहा है, हमारे राज्य में भगवान राम की मूर्ति को नष्ट कर दिया गया है। मूर्ति के सिर को अलग करना एक पागल व्यक्ति का कार्य नहीं हो सकता है। यह धार्मिक उन्मादियों का कृत्य है।”

एक तरफ आंध प्रदेश की सरकार पर मुस्लिमों और ईसाइयों के तुष्टिकरण के आरोप लग रहे हैं, दूसरी तरफ हिंदू मंदिरों पर हमले रुक नहीं रहे। ताजा घटना में प्रदेश के विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर में अज्ञात उपद्रवियों ने भगवान राम की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया।

मूर्ति रामतीर्थम गाँव के पास पहाड़ी की चोटी पर स्थित बोडिकोंडा कोदंडाराम मंदिर में विराजमान थी। कथित तौर पर उपद्रवी ताला तोड़ मंदिर के गर्भगृह में घुसे और और स्वामी कोदंडारामुडु का सिर काटकर अलग कर दिया।

बताया जाता है कि यह मूर्ति 400 साल पुरानी थी। इसके साथ ही मंदिर में माता सीता और लक्ष्मण की भी मूर्तियाँ विराजमान हैं। मुख्य मंदिर पहाड़ी की तलहटी में है। जिस मंदिर में मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई वह पहाड़ी की चोटी पर है। एक ही पुजारी दोनों मंदिरों में नियमित अनुष्ठान करते हैं। यह घटना तब सामने आई जब पुजारी मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) सुबह मंदिर में नियमित अनुष्ठान करने के लिए पहुँचे। 

मंगलवार की सुबह, पुजारियों को रामतीर्थम में बोडिकोंडा पहाड़ी पर प्राचीन सीता लक्ष्मण कोदंडाराम मंदिर के दरवाजे खुले मिले और गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति का सिर धड़ से अलग दिखा। मंदिर के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। बुधवार को क्षतिग्रस्त किए गए हिस्से को पास के तालाब में प्रवाहित कर दिया गया।

जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने बुधवार (दिसंबर 30, 2020) को एक बयान में कहा, “जिस समय अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण चल रहा है, हमारे राज्य में भगवान राम की मूर्ति को नष्ट कर दिया गया है। मूर्ति के सिर को अलग करना एक पागल व्यक्ति का कार्य नहीं हो सकता है। यह धार्मिक उन्मादियों का कृत्य है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर लापरवाह है। इसकी वजह से ही यह घटना हुई है। उन्होंने पूछा कि मंदिर पर लगातार हो रहे हमले पर मुख्यमंत्री जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं? वे चुप क्यों हैं?

पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर सबूत इकट्ठे किए और अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच सभी संभावित एंगल से की जा रही है।

TNM से बात करते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक (SP) राजा कुमारी ने कहा, “घटना सोमवार को मंदिर के बंद होने के बाद हो सकती है। यह कल (मंगलवार) हमारे संज्ञान में आई। अज्ञात बदमाशों ने भगवान राम की मूर्ति का सिर अलग कर दिया। अभी तक आरोपित का पता नहीं चला है। टीमें मामले पर काम कर रही हैं।”

मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने के पीछे के मकसद के बारे में पूछे जाने पर एसपी ने कहा, “यह घटना दुर्घटना की तरह नहीं दिख रही है, बल्कि इरादन किया गया कृत्य जान पड़ता है। हालाँकि, फिलहाल हम इस बारे में निष्कर्ष नहीं निकाल सकते हैं कि इसके पीछे क्या इरादे थे।”

घटना की जानकारी मिलने के बाद टीडीपी के स्थानीय नेता एस.रविशेखर और अन्य लोगों ने मंदिर में जाकर पहाड़ी पर धरना दिया। उन्होंने सरकार से उपद्रवियों पर कार्रवाई करने और मंदिरों को सुरक्षा प्रदान करने की माँग की। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आर.पावनी और अन्य लोगों ने भी मंदिर का दौरा किया और धरना दिया। उन्होंने भी घटना की निंदा की और सरकार से अपराधियों का पता लगाने और मंदिर की सुरक्षा करने की माँग की।

दूसरी तरफ, नेल्लीमारला के विधायक बी.पला नायडू ने मंदिर का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। रामतीर्थम परिक्षेत्र परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासानंद स्वामी ने भी मंदिर का दौरा किया और कहा कि इसकी अपमानजनक घटना से भक्तों की भावनाएँ आहत हुई है। सरकार को इस मुद्दे पर तेजी से काम करना चाहिए और जनता में विश्वास पैदा करना चाहिए। राज्य के सभी मंदिरों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से आंध्र प्रदेश में लगातार हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कहीं मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है, तो कहीं रथों को आग में जलाकर राख किया जा रहा है। 27 सितंबर को चित्तूर जिले में एक शिव मंदिर पर हमला किया गया और मंदिर में स्थित नंदी की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर में नंदी की मूर्ति को 26 और 27 सितंबर की रात कुछ बदमाशों ने तोड़ा। मूर्ति के टुकड़े पास रखी कुर्सी पर बिखरे हुए पाए गए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,363FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe