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वाराणसी में गंगा आरती में मुस्लिम लड़के ने की युवती से छेड़खानी, लोगों ने पीटा तो खेला ‘विक्टिम कार्ड’: मामले की जाँच में निकली कई चौंकाने वाली जानकारी, अब ATS के पास पहुँची जाँच

ATS इस बात की भी जाँच करेगी कि गंगा आरती के दौरान घाट पर मुस्लिम लड़के की मौजूदगी क्यों थी और क्या वह रोज आता-जाता था। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह अपने मोबाइल डिवाइस पर किसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था?

वाराणसी के गंगा घाट पर एक नाबालिग मुस्लिम लड़के ने गंगा आरती में आई युवती से छेड़खानी की। उसने युवती को गलत तरीके से छुआ, इसके चलते उसका यहाँ मौजूद लोगों ने विरोध किया। उसकी कुछ लोगों ने पिटाई भी कर दी। मुस्लिम लड़के ने दावा किया पिटाई से पहले उसका धर्म पूछा गया। मामला जब पुलिस के पास पहुँचा तो उसे साजिश का शक हुआ। इसके बाद अब यह जाँच ATS को सौंप दी गई है। मुस्लिम लड़के की हिन्दू घाट पर मौजूदगी से कई प्रश्न उठे हैं।

यह घटना 28 अप्रैल, 2025 को वाराणसी के दशाश्वमेव घाट पर हुई। बताया गया कि मुस्लिम युवक ने आरती के बाद प्रसाद लेने की आड़ में लड़की का पीछा किया। इसके बाद लड़की चिल्लाने लगी और भीड़ ने उसे पकड़ लिया और पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। घाट पर आरती समिति के सदस्यों ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

पुलिस ने इस मामले में शुरूआती जाँच के तौर पर घाट का CCTV फुटेज निकाला और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ATS को दे दिया। पुलिस को यह भी शक है कि जानबूझकर इस मामले को धार्मिक विवाद का एंगल देने का प्रयास किया गया।

ATS ने इस मामले में घाट पर जाँच की है और CCTV फुटेज जब्त की है। उन्होंने अस्पताल में मुस्लिम लड़के से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। ATS उससे कुछ मुद्दों पर सवाल पूछना चाहती है। ATS जानना चाहती है कि जब मुस्लिम लड़के का घर चौराहा पड़ाव में है, जो कि दशाश्वमेध घाट से करीब 12 किलोमीटर दूर है। वह इतनी दूर क्या करने आया?

इसके अलावा ATS इस बात को लेकर भी जाँच करेगी कि शुरू में इस घटना को एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई थी, बाद ये कई लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली। ATS को शक है कि मुस्लिम लड़का संदिग्ध तौर पर घात पर मौजूद था।

ATS इस बात की भी जाँच करेगी कि गंगा आरती के दौरान घाट पर उसकी मौजूदगी क्यों थी और क्या वह रोज आता-जाता था। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह अपने मोबाइल डिवाइस पर किसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था?

क्या ISI का कोई कनेक्शन?

ATS को एक और एंगल इस मामले में मिला है। दरअसल, आरोपित मुस्लिम युवक चौरहट इलाके का रहने वाला है। जनवरी 2020 में राशिद अहमद को ATS ने वाराणसी के चित्तुपुर इलाके से पकड़ा था। पति से अलग होने के बाद उसकी माँ चंदौली के चौरहट पड़ाव स्थित अपने मायके में रहती थी। राशिद भी उन्हीं के साथ रहता था और पोस्टर बनाने का काम करता था।

वह दो बार पाकिस्तान में अपनी खाला के घर गया था। राशिद को अपनी खाला की बेटी से प्यार हो गया था और उसके रिश्तेदारों ने उसे ISI में नौकरी करने के लिए प्रोत्साहित किया। वह 2018 में कराची में अपनी मौसी के घर गया और उसके बाद ISI से संपर्क स्थापित किया।

2019 से उसने अपने फोन से चंदौली में सैन्य और CRPF प्रतिष्ठानों की तस्वीरें खींचनी शुरू कीं और उन्हें एजेंसी को भेजना शुरू किया। 5 मार्च को लखनऊ की विशेष NIA की अदालत ने मोहम्मद राशिद को जासूसी मामले में दोषी पाया था।

बयान भी बदल रहा मुस्लिम लड़का

जनवरी 2022 में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से वाराणसी के पंचगंगा, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, रामघाट से लेकर अस्सी घाट तक के रास्तों पर कई पोस्टर लगाए गए थे। इनमें साफ तौर पर लिखा था कि यहाँ गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।

यह स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि गंगा घाट कोई मजे का अड्डा नहीं हैं। यह भी स्पष्ट कहा गया था कि जबरदस्ती घुसने वाले किसी गैर हिन्दू को पुलिस को दिया जाएगा। इस मामले में पुलिस का एक बयान भी सामने आया है।

काशी जोन के DCP गौरव बंसल ने बताया है कि जाँच की शुरुआत में यह सिर्फ छेड़छाड़ का मामला लग रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस की पूछताछ और घाट से CCTV फुटेज की समीक्षा के बाद युवक की संलिप्तता संदिग्ध लगने लगी।

उन्होंने कहा कि उसका घर भी घाट से काफी दूर है, जिससे उसके वहाँ होने और आरती में शामिल होने के कारणों के बारे में पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान रेहान ने अपना बयान भी बदल दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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