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मुस्लिम सहेली ने मुँह में जबरन ठूँसा माँस का पराठा, रोते-रोते घर पहुँची हिन्दू छात्रा: झारखंड के स्कूल की घटना, प्रिंसिपल बोलीं- दोबारा ऐसा नहीं होगा

पीड़िता की माँ ने बताया कि स्कूल में पढ़ने लायक माहौल न होने के चलते वो भी अपनी बेटी का नाम किसी और स्कूल में लिखवाने जा रही हैं। सभी के लिए स्कूल में परेशानी बताते हुए लड़की की माँ ने बाकी हिन्दुओं से अपील की है कि वो अपनी बच्चों का नाम सिंबोसिस पब्लिक स्कूल में न लिखवाएँ।

झारखंड के जमशेदपुर के एक स्कूल में हिन्दू छात्रा को उसकी मुस्लिम सहेली द्वारा जबरन माँस खिलाने का मामला सामने आया है। माँस खिलाने वाली छात्रा ने पीड़िता से कहा था कि वो इस बारे में किसी को न बताए। पीड़ित छात्रा के परिवार वालों ने घटना पर नाराजगी जताई है। मामले को संज्ञान में लेकर स्कूल प्रशासन द्वारा आरोपित छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया गया है। पीड़िता के पिता ने भी अपनी बेटी को किसी और स्कूल में पढ़ाने का फैसला किया है। घटना शुक्रवार (7 जुलाई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जमशेदपुर के मानगो स्थित सिंबोसिस पब्लिक स्कूल का है। यहाँ शुक्रवार को हाफ डे के बाद एक हिन्दू छात्रा रोते हुए अपने घर पहुँची। छात्रा ने अपने पिता को बताया कि उसकी मुस्लिम सहेली ने जबरन मुँह दबा कर उसे पराठे में भरा माँस खिलाया है। इस घटना की जानकारी होने के बाद पहले पीड़िता के परिवार वाले थाने गए और बाद में स्कूल पहुँचे। स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि वहाँ माँस और जंकफ़ूड लाने की अनुमति नहीं है। साथ ही कार्रवाई के तौर पर आरोपित छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया।

वहीं पीड़िता की माँ ने बताया कि स्कूल में पढ़ने लायक माहौल न होने के चलते वो भी अपनी बेटी का नाम किसी और स्कूल में लिखवाने जा रही हैं। सभी के लिए स्कूल में परेशानी बताते हुए लड़की की माँ ने बाकी हिन्दुओं से अपील की है कि वो अपनी बच्चों का नाम सिंबोसिस पब्लिक स्कूल में न लिखवाएँ। पीड़िता के अभिभावकों का आरोप है कि उनकी बच्ची से पहले भी कई अन्य छात्रों के साथ ऐसी घटना हो चुकी है लेकिन वो इसे किसी को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

आरोपित छात्रा के अब्बा कहीं विदेश में नौकरी करते हैं। पूछताछ में उसने हिन्दू छात्रा को माँस खिलाने की बात कबूल की है। दोनों छात्राएँ क्लास 4 में एक साथ पढ़ती हैं। हिन्दू छात्रा का स्कूल में यह पहला साल था जबकि मुस्लिम छात्रा यहाँ क्लास 1 से पढ़ रही है। वहीं इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि आरोपित छात्रा ने बताया है कि माँस जबरदस्ती नहीं खिलाया गया है। उन्होंने घटना को गलत बताते हुए दोबारा ऐसा न हो इसका पूरा ध्यान रखे जाने का भरोसा दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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