Homeदेश-समाजप्रॉपर्टी हड़पने के लिए मुस्लिम महिला बन गई हिंदू, मंदिर में लिए फेरे: कोर्ट...

प्रॉपर्टी हड़पने के लिए मुस्लिम महिला बन गई हिंदू, मंदिर में लिए फेरे: कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज, पहले से निकली शादीशुदा

मुस्लिम महिला ने कथित तौर पर बताया था कि वह होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर चुकी है। बाद में पता चला कि वह 10वीं पास भी नहीं है।

एक शादीशुदा मुस्लिम महिला ने खुद को अविवाहित बता सुकान्त से दोस्ती की। धर्म परिवर्तन कर हिंदू बनी। सुकान्त से शादी भी की। बाद में पता चला कि उसने ऐसा सुकान्त की प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से किया है। मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। कोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज कर पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

बताया जा रहा है कि महिला हिंदू युवक को झूठे केस में फँसाने की धमकी भी दे रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना राजपुर थानाक्षेत्र की है। 2018 में सुकान्त की मुलाकत शोरेन नाम की मुस्लिम महिला से हुई। उसने खुद को अविवाहित बताया। साथ ही सुकान्त को बताया कि वह होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर चुकी है।

इस बीच सुकान्त को पता चला कि शोरेन व्हाट्सएप पर किसी लड़के से लगातार बात करती हैं। शोरेन ने उसे अपना पुराना दोस्त बताते हुए भरोसा दिलाया कि अब ऐसा नहीं करेगी। 29 सितम्बर 2019 को उसने सुकान्त के साथ शादी भी कर ली।

शादी के लिए शोरेन ने हिन्दू धर्म अपनाया। मंदिर में विवाह किया। सुकान्त के अनुसार शादी के बाद शोरेन अपनी मर्जी से अपने मायके और कभी-कभार दिल्ली भी आती-जाती थी। उसका आरोप है कि शादी के बाद भी शोरेन का किसी और लड़के से मिलना-जुलना जारी रहा। कुछ समय बाद सुकान्त को पुणे के एक होटल में नौकरी मिल गई। शोरेन को भी वह अपने साथ ले गया।

रिपोर्ट के मुताबिक पुणे में सुकान्त ने एक अन्य होटल में शोरेन की नौकरी की बात की। तब पता चला कि उसने कोई होटल मैनेजमेंट का कोर्स नहीं किया है। सुकान्त ने और पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि शोरेन 10वीं पास भी नहीं है। अपना भेद खुलने के बाद शोरेन ने सुकान्त से कहा कि वह देहरादून की सम्पत्ति बेचकर उसे 3-4 करोड़ रुपए दे। ऐसा नहीं करने पर झूठे केस में फँसाने की धमकी दी।

सुकान्त का आरोप है कि शोरेन ने उसकी सम्पत्ति हड़पने के लिए झूठ बोलकर शादी की। इस साजिश में शोरेन के अम्मी-अब्बू को भी शामिल बताया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -