Sunday, July 3, 2022
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उद्धव का मंत्री, पवार का खास: अदालत ने भी माना ‘डी गैंग’ से नवाब मलिक के संबंध, ED ने चार्जशीट में बताया- मुंबई ब्लास्ट के दोषी से कई बार हुई थी मुलाकात

ईडी की चार्जशीट में दर्ज सरदार खान के बयान के मुताबिक नवाब मलिक और हसीना पारकर एक समझौते पर पहुँचे थे। एनसीपी नेता ने हसीना को 55 लाख, सलीम पटेल को 15 लाख और सरदार खान को 5 लाख रुपए का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की थी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी के बावजूद अपने जिस मंत्री नवाब मलिक को हटाने से इनकार किया था, उनके डी गैंग से लिंक होने की बात अदालत ने भी मानी है। शरद पवार की एनसीपी से ताल्लुक रखने वाले नवाब मलिक फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं।

इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर की गई चार्जशीट पर स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार (20 मई 2022) को संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि मलिक सीधे तौर पर और जानबूझकर कुर्ला स्थित गोवावाला कंपाउंड पर कब्जा करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश में शामिल थे। इस मामले में 1993 बम धमाकों का दोषी सरदार शाहवाली खान भी आरोपित है।

विशेष न्यायाधीश राहुल एन रोकाडे ने कहा कि नवाब मलिक ने D-कंपनी के सदस्य मसलन हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मुनिरा प्लंबर से संबंधित प्रॉपर्टी हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। बता दें कि NIA ने दाऊद इब्राहिम कासकर और अन्य के खिलाफ अधिनियम, 1967 आईपीसी की धारा 120 बी और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) की धारा 17, 18, 20, 21, 38 और 40 के तहत 3 फरवरी, 2022 को FIR दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि दाऊद इब्राहिम कास्कर, जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया है, एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेटवर्क चलाता है जिसका नाम डी कंपनी है, जो टेरर फंडिग में शामिल है।

ईडी का दावा है कि नवाब मलिक ने डी-कंपनी के सदस्यों के साथ मिलकर गोवावाला कॉम्प्लेक्स हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची। ईडी ने अपनी जाँच के दौरान पिछले साल दिसंबर में, मुंबई में 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे सरदार खान का बयान दर्ज किया था। ईडी के मुताबिक सरदार खान ने अपने बयान में कहा है कि सलीम पटेल, हसीना पारकर का करीबी सहयोगी था और कुर्ला स्थित प्रॉपर्टी के संबंध में उसी के निर्देश पर हर फैसला लिया गया। ईडी ने अपनी चार्जशीट में सरदार खान के उस बयान का हवाला दिया है, जिसमें उसने दावा किया था कि कुर्ला वाली संपत्ति के संबंध में उसके, सलीम पटेल, हसीना पारकर और नवाब मलिक के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं।

ईडी की चार्जशीट में दर्ज सरदार खान के बयान के मुताबिक नवाब मलिक और हसीना पारकर एक समझौते पर पहुँचे थे और एनसीपी नेता ने हसीना को 55 लाख, सलीम पटेल को 15 लाख एवं सरदार खान को 5 लाख रुपए का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की थी। आपको बता दें कि सलीम पटेल और हसीना पारकर दोनों की मृत्यु हो चुकी है। ईडी ने कहा है कि सरदार खान इन बैठकों में उपस्थित रहा था, इस नाते उसके बयान को चार्जशीट में शामिल किया गया है। ईडी का दावा है कि चारों (नवाब मलिक, हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान) ने ‘आपराधिक साजिश’ की थी और कुर्ला प्रॉपर्टी के असली मालिक मुनीरा प्लंबर को गुमराह करके, सलीम पटेल के पक्ष में ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ बनाकर संपत्ति पर अनधिकृत कब्जा कर लिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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