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‘किसी ग्रंथ में नहीं लिखा कि भगवान को खुश करने के लिए पटाखे फोड़ना जरूरी’: केरल हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थानों पर रखे पटाखों पर रेड का दिया आदेश

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि आज के आदेश के बाद पटाखे फोड़े गए तो अदालत अवमानना की ​​कार्यवाही शुरू करने के लिए मजबूर हो सकती है। कोर्ट ने सरकारी वकील को अगली सुनवाई यानी 24 नवंबर 2023 से पहले इस पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (3 नवंबर 2023) को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में राज्य के अधिकारियों को सभी धार्मिक स्थानों पर रेड डालकर अवैध रूप से रखे गए पटाखों को अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि देर रात धार्मिक स्थलों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएँगे। भगवान को प्रसन्न करने के लिए पटाखे फोड़ने का आदेश किसी भी पवित्र ग्रंथ में नहीं है।

न्यायमूर्ति अमित रावल की एकल पीठ ने कहा, “मैं कोचीन और अन्य जिलों के पुलिस आयुक्त की सहायता से डिप्टी कलेक्टर को निर्देश देता हूँ कि वे सभी धार्मिक स्थानों पर छापेमारी करें और सभी धार्मिक स्थानों में अवैध रूप से रखे गए पटाखों को अपने कब्जे में लें। इसके साथ ही निर्देश जारी करें कि अब से कोई भी पटाखे न चलाए।”

केरल के सभी धार्मिक स्थलों पर पटाखे जलाने पर रोक लगाने की माँग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आगे कहा, “धार्मिक स्थानों पर देर रात (Odd Hours) में पटाखे नहीं फोड़े जाएँगे, क्योंकि प्रथम दृष्टया किसी भी पवित्र पुस्तक में भगवान को प्रसन्न करने के लिए पटाखे फोड़ने का कोई आदेश नहीं है।”

याचिका में दलील दी गई थी कि जिला कलेक्टर द्वारा विस्फोटक नियमों के तहत विस्फोटक लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और सभी मंदिरों के पास पटाखे फोड़ने का लाइसेंस नहीं है। याचिका में आगे कहा गया कि अगर लाइसेंस जारी भी किए जाते हैं तो उन्हें विस्फोट के लिए जारी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण के साथ-साथ शांति भी भंग होती है।

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार और धार्मिक प्रतिष्ठानों ने भी याचिकाकर्ता के रुख पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने भी आधी रात के बाद पटाखों की आवाज सुनी है। इसलिए, हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर की सहायता से डिप्टी कलेक्टर को सभी धार्मिक स्थानों पर छापेमारी करने और सभी धार्मिक स्थानों में अवैध रूप से संग्रहीत पटाखों को अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि आज के आदेश के बाद पटाखे फोड़े गए तो अदालत अवमानना की ​​कार्यवाही शुरू करने के लिए मजबूर हो सकती है। कोर्ट ने सरकारी वकील को अगली सुनवाई यानी 24 नवंबर 2023 से पहले इस पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

बता दें कि प्रदूषण एवं अन्य कारणों को देखते हुए कोर्ट ने दिल्ली और हरियाणा में भी रात 10 बजे के बाद पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा रखा है। अब केरल हाईकोर्ट ने इसे अपने राज्य में भी देर रात में पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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