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OpIndia impact: धोखाधड़ी मामले में वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता किशोर उपाध्याय का भाई देहरादून से गिरफ्तार

SIT ने अपनी जाँच में पाया कि सचिन उपाध्याय ने अपने पूर्व कारोबारी साझेदार मुकेश जोशी के 50 प्रतिशत शेयर अवैध रूप से हस्तांतरित कर दिए थे। सचिन उपाध्याय ने उनके फर्जी दस्तखत करके सारे शेयर अपनी पत्नी के नाम स्थानांतरित करा लिए थे।

उत्तराखंड कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर उपाध्याय के भाई सचिन उपाध्याय को रविवार (जनवरी 19, 2019) को धोखाधड़ी के एक मामले में देहरादून में गिरफ्तार कर लिया गया। सचिन उपाध्याय को उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जाँच कर रहे एक विशेष जाँच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार उनके घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया। कॉन्ग्रेस नेता के भाई के खिलाफ आरोप सामने आने के बाद पिछले साल जून में एसआईटी का गठन किया गया था।

SIT ने अपनी जाँच में पाया कि सचिन उपाध्याय ने अपने पूर्व कारोबारी साझेदार मुकेश जोशी के 50 प्रतिशत शेयर अवैध रूप से हस्तांतरित कर दिए थे। सचिन उपाध्याय ने संयुक्त स्वामित्व वाली कंपनी एसएम हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड में उनके हिस्से के 50 फीसदी शेयर उनके फर्जी दस्तखत करके अपनी पत्नी के नाम स्थानांतरित करा लिए थे।

धोखाधड़ी के इस मामले की सबसे पहली रिपोर्टिंग ऑपइंडिया ने अक्टूबर 2018 में की थी। जिसमें उपाध्याय द्वारा की गई धोखाधड़ी का विवरण प्रकाशित किया गया था। मुकेश जोशी ने कंपनी लॉ बोर्ड के समक्ष आरोप लगाया था कि उन्होंने कंपनी को जमीन खरीदने के लिए 1.7 करोड़ रुपए का ऋण दिया था, लेकिन सचिन उपाध्याय ने उनके हिस्से का शेयर नहीं दिया। वहीं जब सचिन उपाध्याय के इस धोखाधड़ी और वित्तीय घाटे को लेकर मुकेश को हार्ट अटैक आया और वो हॉस्पिटल में भर्ती थे, तो सचिन उपाध्याय ने ऋण को इक्विटी शेयर में बदल दिया और उसे अपनी पत्नी को आवंटित कर दिया, जिसे उसने खुद कंपनी का निदेशक बनाया था। उपाध्याय ने अपनी पत्नी को कंपनी का निदेशक बनाने के साथ ही मुकेश को कंपनी के निदेशक के पद से हटा दिया था।

सचिन उपाध्याय के खिलाफ साल 2017 में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 420, धारा 467, धारा 468, धारा 471, धारा 504 और धारा 120b के तहत देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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