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JNU में 8500 में से 82% छात्रों ने बढ़ी हुई हॉस्टल फीस के साथ किया रजिस्ट्रेशन: VC जगदीश कुमार

JNU के कुलपति एम जगदीश कुमार ने बताया कि 8500 छात्रों में से 82% छात्रों ने नई हॉस्टल फीस भरकर विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बाक़ी छात्र भी जल्द ही नई हॉस्टल फीस के अनुसार रजिस्ट्रेशन करा लेंगे, क्योंकि अभी विलंब शुल्क के साथ इसका विकल्प उपलब्ध है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के हॉस्टल फीस में वृद्धि को लेकर लंबे समय से हंगामा हो रहा है। इस बीच JNU के कुलपति एम जगदीश कुमार ने बताया कि 8500 छात्रों में से 82% छात्रों ने नई हॉस्टल फीस भरकर विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बाक़ी छात्र भी जल्द ही नई हॉस्टल फीस के अनुसार रजिस्ट्रेशन करा लेंगे, क्योंकि अभी विलंब शुल्क के साथ इसका विकल्प उपलब्ध है।

इससे पहले, JNU के कुलपति जगदीश कुमार ने गुरुवार (जनवरी 16, 2019) को बताया था कि 8500 स्टूडेंट्स JNU में पढ़ते हैं और इनमें से 6450 हॉस्टल में रहते हैं, बाकी डे-स्कॉलर्स हैं और 95 प्रतिशत डे स्कॉलर्स ने भी अपनी बकाया सेमेस्टर फीस जमा कर दिया। वीसी जगदीश कुमार ने कहा था, “कैंपस के हॉस्टल में रहने वाले 65% से अधिक छात्रों ने अपने बकाया शुल्क का भुगतान कर दिया है। कुछ छात्र जो इस बीच अपने घर चले गए थे वे भी वापस कैंपस में लौट रहे हैं।” उन्होंने शुल्क का भुगतान करने वाले अन्य छात्रों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना जताई थी।

इसके साथ ही प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख को भी दो दिन आगे बढ़ा दिया था। जगदीश कुमार ने अपने बयान में कहा था, “15 जनवरी को विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख थी, जिसकी वजह से फीस काउंटर्स पर छात्रों की भारी भीड़ जमा रही। कई स्टूडेंट्स तारीख बढ़ाने की गुजारिश के साथ हमारे पास पहुँचे। जिसके बाद उनकी सुविधा को देखते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख आखिरी बार 2 दिन के लिए बढ़ा दिया गया।”

JNU प्रशासन के अनुसार, सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया गया है। JNUSU के नेतृत्व में आंदोलन और बहिष्कार के बारे में बात करते हुए विश्वविद्यालय के वीसी जगदीश कुमार ने कहा था कि सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया है और वे उन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने पर काम कर रहे हैं, जो पिछला सेमेस्टर पास नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया था कि विश्वविद्यालय छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए वह सभी कोशिशें कर रहा है जिससे कि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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