Monday, April 19, 2021
Home देश-समाज आदिवासियों को देश के खिलाफ भड़का रहे वामपंथी, पालघर में साधुओं की हत्या के...

आदिवासियों को देश के खिलाफ भड़का रहे वामपंथी, पालघर में साधुओं की हत्या के पीछे हिन्दूघृणा: फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी

आदिवासियों को हिन्दू समाज से अलग होने का एहसास दिलाते हुए उन्हें हिन्दू प्रथाओं का विरोध करने के लिए भड़का रहे वामपंथी। कोशिश की जा रही है कि उन्हें संवैधानिक व्यवस्था का विरोधी बना कर नक्सल आंदोलन से जोड़ा जाए। 150 पेज की जाँच रिपोर्ट में बताया गया है कि...

महाराष्ट्र के पालघर में अप्रैल 2020 में पुलिस के सामने ही एक बड़ी भीड़ ने दो साधुओं और एक ड्राइवर की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इस मामले की जाँच के लिए एक स्वतंत्र फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी का गठन किया गया था। कमिटी ने साधुओं की मॉब लिंचिंग को लेकर चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि इसके पीछे गहरी साजिश थी। साथ ही इस घटना के तार नक्सलियों से भी जुड़ रहे हैं।

बता दें कि उक्त कमिटी में वकील, रिटायर्ड जज और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। अब कमिटी ने कहा है कि पालघर में साधुओं की हत्या के मामले की जाँच सीबीआई और एनआईए करे। कमिटी ने यह भी पाया है कि वहाँ उपस्थित पुलिसकर्मी अगर चाहते तो इस हत्याकांड को रोक सकते थे लेकिन उन्होंने हिंसा की साजिश में शामिल होने का रास्ता चुना। शनिवार (अगस्त 29, 2020) को एक ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिए कमिटी ने अपनी रिपोर्ट के कुछ अंश पेश किए।

याद हो कि पालघर में अप्रैल 20, 2020 को 70 वर्षीय कल्पवृक्ष गिरी और 35 वर्षीय सुशील गिरी की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। साथ ही उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े को भी मार डाला गया था। ये सभी अपने गुरु महंत श्रीरामजी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। गढ़चिंचले गाँव में उनकी गाड़ी को भी उपद्रवियों ने पलट दिया था और देखते ही देखते बड़ी भीड़ जमा हो गई थी।

इस घटना के बाद विवेक विचार मंच ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश अंबादास जोशी, संपादक किरण शेलार, पालघर जिले के ऐक्टिविस्ट संतोष जनाठे, रिटायर्ड सहायक पुलिस आयुक्त लक्ष्मण खारपड़े व कुछ वकील और सामाजिक कार्यकर्ताओं की फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई थी। इसने पाया है कि झारखण्ड में पत्थलगड़ी की तर्ज पर ही पालघर में भी आंदोलन चल रहा है। आदिवासियों को वामपंथी भड़का रहे हैं कि वो क़ानून, सरकार और संविधान का सम्मान न करें।

आदिवासियों को वामपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा भड़काया जा रहा है कि उनके पास अपना संविधान है, जो 100 साल पुराना है और वो भारतीय संविधान के दायरे में नहीं आते हैं। कमिटी ने कुछ वामपंथी नेताओं के बयान और वीडियो जारी कर के बताया है कि किस तरह आदिवासियों को भारत का क़ानून न मानने के लिए भड़काया जा रहा है। साथ ही इन सबके पीछे हिन्दूघृणा भी है, जिसने पालघर में साधुओं की जान ले ली।

‘इंडिया टीवी’ की खबर के अनुसार, फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी ने जानकारी दी है कि वामपंथियों का पूरा जोर इस बात पर है कि आदिवासियों को हिन्दू समाज से अलग होने का एहसास दिलाते हुए उन्हें हिन्दू प्रथाओं का विरोध करने के लिए भड़काया जाए। कोशिश की जा रही है कि उन्हें संवैधानिक व्यवस्था का विरोधी बना कर नक्सल आंदोलन से जोड़ा जाए। 150 पेज की जाँच रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह स्थानीय लोगों के दिमाग में साधुओं और सरकार के प्रति नफरत पैदा की जा रही है।

साथ ही उस क्षेत्र में देश विरोधी गतिविधियों को भी जोर-शोर से चलाए जाने की बात पता चली है। काश्तकारी संगठन, आदिवासी एकता परिषद और भूमि सेना सहित कई संगठनों को इन साजिशों का कर्ताधर्ता बताते हुए कहा गया है कि गाँव में पत्थलगड़ी आंदोलन की तरह संकल्प पारित किया गया और इसमें आदिवासी एकता परिषद का सदस्य भी शामिल हुआ। साथ ही बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं का विरोध करने को भी कहा जा रहा है।

हाल ही में जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने साधुओं की हत्या मामले में ये माँग उठाई थी। उनका कहना था कि पालघर में साधुओं की हत्या को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में अभी तक न्याय नहीं हो सका है, जिसे लेकर लोगों में गुस्सा है। साधुओं की माँग है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की तरह ही इस मामले की जाँच भी CBI को करनी चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ चलाएगी रेलवे, उद्योगों की आपूर्ति पर रोक: टाटा स्टील जैसी कंपनियाँ भी आईं आगे

ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। कई स्टील कंपनियों ने प्लांट की ऑक्सीजन की आपूर्ति अस्पतालों को शुरू की है।

‘बीजेपी को कोसने वाले लिबरल TMC पर मौन’- हर दिन मेगा रैली कर रहीं ममता लेकिन ‘ट्विटर’ से हैं दूर: जानें क्या है झोल

ममता बनर्जी हर दिन पश्चिम बंगाल में हर बड़ी रैलियाँ कर रही हैं, लेकिन उसे ट्विटर पर साझा नहीं करतीं हैं, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रीय लोगों के चुभचे सवालों से बच सकें और अपना लिबरल एजेंडा सेट कर सकें।

क्या जनरल वीके सिंह ने कोरोना पीड़ित अपने भाई को बेड दिलाने के लिए ट्विटर पर माँगी मदद? जानिए क्या है सच्चाई

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने ट्विटर पर एक नागरिक की मदद की। इसके लिए उन्होंने ट्वीट किया, लेकिन विपक्ष इस पर भी राजनीति करने लगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने फैलाया झूठ: रेमडेसिविर की आपूर्ति पर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ब्रुक फार्मा के निदेशक के उत्पीड़न का किया बचाव

कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले ने एक बार फिर से फेक न्यूज फैलाने का काम किया है। गोखले ने बेबुनियाद ट्वीट्स की सीरीज में आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने पार्टी कार्यालय में 4.75 करोड़ रुपए की रेमडेसिविर (Remdesivir) की जमाखोरी की है।

दूसरी लहर सँभल नहीं रही, ठाकरे सरकार कर रही तीसरी की तैयारी: महाराष्ट्र के युवराज ने बताया सरकार का फ्यूचर प्लान

महाराष्ट्र के अस्पतालों में न सिर्फ बेड्स, बल्कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन की भी भारी कमी है। दवाएँ नहीं मिल रहीं। ऑक्सीजन और मेडिकल सप्लाइज की उपलब्धता के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय सेना से मदद के लिए गुहार लगाई है।

10 ऑक्सीजन निर्माण संयंत्र, हर जिले में क्वारंटीन केंद्र, बढ़ती टेस्टिंग: कोविड से लड़ने के लिए योगी सरकार की पूरी रणनीति

राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए सरकार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैन्ड पर ही एंटीजेन और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था कर रही है। यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे क्वारंटीन केंद्रों में रखा जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।

Remdesivir का जो है सप्लायर, उसी को महाराष्ट्र पुलिस ने कर लिया अरेस्ट: देवेंद्र फडणवीस ने बताई पूरी बात

डीसीपी मंजूनाथ सिंगे ने कहा कि पुलिस ने किसी भी रेमडेसिविर सप्लायर को गिरफ्तार नहीं किया है बल्कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, क्योंकि...

‘पंडित मुक्त’ गाँव वाला वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता सुहैल पाशा ने दिया पार्टी से इस्तीफा

हिंदू विरोधी वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड के देहरादून से भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुहैल पाशा ने पार्टी से...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,223FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe