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पालघर नागा साधु लिंचिंग मामले में महाराष्ट्र की अदालत ने 14 और आरोपितों को दी जमानत, 18 की अर्जी हुई खारिज

अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई मुकर्रर की है। उस दौरान आरोप तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। नागा साधु हत्याकांड मामले में पुलिस ने कुल 201 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 75 मुख्य आरोपित हैं।

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या करने के मामले में मंगलवार (29 जून 2021) को ठाणे की जिला अदालत ने 14 और आरोपितों को जमानत दे दी। वहीं वकील अमृत अधिकारी ने बताया कि एडिशनल सेशन कोर्ट (special designated court) के जस्टिस आरएस गुप्ता ने 18 अन्य आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई मुकर्रर की है। उस दौरान आरोप तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। नागा साधु हत्याकांड मामले में पुलिस ने कुल 201 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 75 मुख्य आरोपित हैं। इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सतीश मानेशिंदे अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए, जबकि वकील पीएन ओझा साधुओं के परिवार से हैं।

गौरतलब है कि पालघर में साधुओं की लिंचिंग का मामला एक साल पुराना है। पिछले साल अप्रैल माह में जूना अखाड़ा के महंत कल्पवृक्ष गिरी महाराज (70 वर्ष) और महंत सुशील गिरी महाराज (35 वर्ष) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे (30 वर्ष) के साथ मुंबई से गुजरात अपने गुरु भाई को समाधि देने के लिए जा रहे थे। लेकिन 16 अप्रैल 2020 की रात पालघर के दहानु तालुका के आदिवासी बहुल गडचिंचले गाँव में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने उन तीनों पर हमला किया और उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।

यह पूरी घटना वहाँ मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के सामने हुई थी। आरोपितों ने साधुओं के साथ एक ड्राइवर और पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था। हमले के बाद साधुओं को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। जब देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ था, उस दौरान दरिंदों ने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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