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कंगना रनौत का ट्विटर एकाउंट रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका, महाराष्ट्र सरकार को कहा था- ‘पप्पू सेना’

याचिका में ऐसा कहा गया था कि कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में न्यायपालिका पर अभद्र टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र सरकार को ‘पप्पू सेना’ कह कर संबोधित किया था। याचिका में आगे कहा गया था कि यह ट्वीट अदालत की आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है।

बॉम्बे उच्च न्यायालय में अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाते हुए ट्वीट करने के लिए याचिका दायर की गई है। दरअसल, 17 अक्टूबर को किए गए ट्वीट में कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार पर टिप्पणी करते हुए की जम कर आलोचना की थी। इसके पहले बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध एक एफ़आईआर दर्ज की गई थी। 

दायर की गई याचिका में कंगना रनौत द्वारा किए गए ट्वीट के लिए अदालत के समक्ष उनके ट्विटर एकाउंट को रद्द करने की माँग उठाई गई थी। 

याचिका में ऐसा कहा गया था कि कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में न्यायपालिका पर अभद्र टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र सरकार को ‘पप्पू सेना’ कह कर संबोधित किया था। याचिका में आगे कहा गया था कि यह ट्वीट अदालत की आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है। दरअसल, नवरात्र के दौरान कंगना ने खुद के विरुद्ध एफ़आईआर दर्ज किए जाने के बाद एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की गठबंधन वाली शिवसेना सरकार की जम कर आलोचना की थी। 

कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा, “और कौन नवरात्र में व्रत रख रहा है? आज के आयोजन की कुछ तस्वीरें क्योंकि अब मुझ पर एक और एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है। महाराष्ट्र में ‘पप्पू सेना’ मुझ पर हावी होने की कोशिश कर रही है। मुझे इतना याद करने की ज़रूरत नहीं है, मैं जल्द ही वहाँ पहुँच जाऊँगी।”

बीते दिन कंगना रनौत को एक अधिवक्ता की तरफ से लीगल नोटिस भेजा गया था क्योंकि उन्होंने कृषि सुधार क़ानूनों के लिए जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली एक वृद्ध महिला को शाहीन बाग़ की मशहूर बिलकिस बानो समझ लिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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