Sunday, July 25, 2021
Homeदेश-समाजअमिताभ का इतिहास साफ़ नहीं, ना ही वो सामाजिक कार्यकर्ता; कॉलर ट्यून से हटाई...

अमिताभ का इतिहास साफ़ नहीं, ना ही वो सामाजिक कार्यकर्ता; कॉलर ट्यून से हटाई जाए आवाज: HC में PIL दायर

PIL में कहा गया है कि अमिताभ बच्चन इस काम के लिए भारत सरकार से पैसे ले रहे हैं, जबकि देश में ऐसे बहुत से कोरोना वॉरियर्स मौजूद हैं, जिन्होंने कोरोना काल में आम लोगों की हर तरह से बिना पैसे लिए मदद की है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ को कोरोनो वायरस के खिलाफ सावधानियों और बचाव का संदेश देने वाली कॉलर ट्यून से हटाने का अनुरोध किया गया है। याचिका में इसे हटाने का आधार यह बनाया गया है कि अमिताभ बच्चन स्वयं, परिवार के कुछ सदस्यों के साथ, वायरस से संक्रमित थे।

याचिका को राकेश नाम के एक शख्स ने एडवोकेट एके दुबे और पवन कुमार के जरिए दायर किया है। यह याचिका मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार (जनवरी 07. 2021) को सुनवाई के लिए लाई गई। दिल्ली उच्च न्यायलय ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और आने वाली 18 जनवरी को इस पर सुनवाई करेगा।

इस PIL के अनुसार, कोरोना के संक्रमण के खतरों से सावधानी के बारे में बताने वाली इस कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन की जगह उन कोरोना वॉरियर्स की आवाज शामिल करने की बात कही गई है, जिन्होंने संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान लोगों की सेवा की।

अधिवक्ताओं एके दुबे और पवन कुमार के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, “भारत सरकार कॉलर-ट्यून पर निवारक उपायों के संबंध में आवाज देने के लिए अमिताभ बच्चन को भुगतान कर रही है।’’

PIL के अनुसार, “कुछ कोरोना वॉरियर्स हैं, जो राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं और इस कठिन समय में गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। साथ ही, उन्हें भोजन, कपड़ा और आश्रय प्रदान कर रहे हैं तथा यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि कुछ कोरोना योद्धाओं ने अपनी कम आय को भी गरीब और जरूरतमंद लोगों में बाँट दिया।”

याचिका में कहा गया है कि कुछ प्रसिद्ध कोरोना योद्धा अब भी बिना किसी भुगतान के अपनी सेवाएँ देने और राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार हैं ।

विभिन्न अदालतों में उनके खिलाफ लंबित कई मामलों का जिक्र करते हुए याचिका में आरोप लगाया गया है कि अमिताभ बच्चन का इतिहास बहुत साफ नहीं है और साथ ही वह सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते राष्ट्र की सेवा नहीं कर रहे बल्कि इसके लिए उनको सरकार से मेहनताना दिया गया है। जिस कारण मोबाइल के कॉलर ट्यून से अमिताभ बच्चन की आवाज हटाई जानी चाहिए।

मोबाइल फोन पर सुनाई देने वाली इस कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन की आवाज में जो संदेश सुनाई देता है वो है, “नमस्कार, हमारा देश और पूरा विश्व आज कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है। कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम सतर्क रहें। इसलिए जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है, नियमित रूप हाथ धोना, मास्क पहनना और आपस में उचित दूरी बनाए रखना। याद रखिए दो गज दूरी, मास्क है जरूरी। खाँसी, बुखार या साँस लेने में कठिनाई होने पर हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करें।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अपनी ही कब्र खोद ली’: टाइम्स ऑफ इंडिया ने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय तीरंदाजी टीम की हार का उड़ाया मजाक

दक्षिण कोरिया के किम जे ड्योक और आन सन से हारने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया कि भारतीय तीरंदाजी टीम औसत से भी कम थी और उन्होंने विरोधियों को थाली में सजाकर जीत सौंप दी।

‘सचिन पायलट को CM बनाओ’: कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं के सामने जम कर हंगामा, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बुलाई थी बैठक

राजस्थान में मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थकों के बीच बहस और हंगामेबाजी हुई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,128FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe