Homeदेश-समाजघरों पर चिपके मिले 'PFI ज़िंदाबाद' के साथ-साथ 786 के पोस्टर, पुलिस ने शुरू...

घरों पर चिपके मिले ‘PFI ज़िंदाबाद’ के साथ-साथ 786 के पोस्टर, पुलिस ने शुरू किया जाँच: नवी मुंबई में प्रतिबंधित संगठन का समर्थन, पटाखे भी बाँध दिए

इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 153 A (धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।

महाराष्ट्र के नवी मुंबई इलाके कुछ घरों पर प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के समर्थन में पोस्टर चिपके पाए गए हैं। कुछ पोस्टरों में 786 लिखा हुआ मिला। मामले की जानकारी होते ही पुलिस ने एक्शन लेते हुए स्टीकरों को जब्त कर लिया। घटना 24 जून (शनिवार) रात की है। रविवार (25 जून, 2023) को पुलिस ने बताया कि पोस्टर वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला नवी मुंबई के पनवेल इलाके का है। यहाँ 24 जून की सुबह एक व्यक्ति जब घर से बाहर निकला तो उसे अपनी दीवाल पर कुछ लिखा दिखाई दिया। उसने करीब से देखा तो उसकी दीवाल पर एक पोस्टर लगा हुआ था। इस पोस्टर में हरे रंग की स्याही से अंग्रेजी भाषा में ‘PFI जिंदाबाद’ और 786 लिखा हुआ था। कुछ ही देर में इसी क्षेत्र के 2 अन्य घरों में अगरबत्ती और पटाखे बाँधे जाने की खबर आई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो वो मौके पर पहुँच कर जाँच में जुट गई।

पुलिस ने फ़ौरन घटनास्थल पर पहुँच कर पटाखों और पोस्टरों को जब्त कर लिया। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 153 A (धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटनास्थल पर लगे CCTV फुटेज सहित अन्य सबूत खंगाल रही है। अभी तक आरोपितों की पहचान नहीं हो पाई है। सोशल मीडिया पर ये पोस्टर वायरल हो रहे हैं।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने सितम्बर 2022 में पीएफआई और उससे जुड़े तमाम लोगों पर 5 साल के लिए बैन लगा दिया था। इस संगठन और इसके पदाधिकारियों पर साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने की साजिश रचने सहित विदेशों से फंडिंग लेने का आरोप है। बताया गया था कि PFI में तमाम लोग ISIS की विचारधारा से प्रभावित बताए गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न POK की फिक्र, न बलूचिस्तान की चिंता! दिन-रात बस भारत में ‘सत्तापलट’ के सपने देख रहा पाकिस्तान, जानिए CJP प्रदर्शन में कैसे दी...

पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भारत के CJP प्रदर्शन की कवरेज को प्राइम टाइम में जगह दी है। इससे साफ है कि उनके लिए पाकिस्तान की मीडिया भारत की आंतिरक राजनीति में खूब दखल देती है।

मस्जिद का किया बखान, हनुमान मंदिर पर हमले की छिपाई बात: CJP की हिंसक भीड़ को पनाह न मिलने पर राणा अय्यूब जैसों की...

ग्राउंड रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की। उन्होंने बैग में पत्थर भर रखा था। इनलोगों ने कनॉट प्लेस के पास सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।
- विज्ञापन -