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पंजाब में खुलेआम चल रहा ईसाई मिशनरियों का खेल: ‘यीशु के चमत्कार’ दिखाने के लिए लाउडस्पीकर पर हुई अनाउंसमेंट, विरोध करने वाली BJP की महिला नेता से धक्कामुक्की

ऑपइंडिया से बात करते हुए, ABVP के सोशल मीडिया संयोजक श्लोक अग्रवाल कहते हैं कि इस कार्यक्रम में कोई भी स्थानीय व्यक्ति शामिल नहीं। ये धर्मान्तरण के लिए लालच दे रहे हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि मिशनरियों को इजाजत कैसे मिली। श्लोक ने ईसाइयों पर धमकाने का आरोप लगाया। उनका कहना है, "पुलिस भी उन्हें धर्मान्तरण से रोकने की बजाय हमें रोक रही है।"

पंजाब में ईसाई धर्मान्तरण एक बड़ी समस्या है। ताजा मामला मोहाली के ढकोली (जीरकपुर) स्थित ग्रीन सिटी का है, जहाँ ईसाई मिशनरी लोगों को लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। 21 मई को हिन्दू संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसका जमकर विरोध किया। इस दौरान ईसाइयों का विरोध कर रहीं भाजपा नेता नीतू खुराना के साथ ईसाई महिलाओं ने धक्कामुक्की की। खुराना पंजाब महिला मोर्चा की महासचिव हैं।

क्या है मामला

21 मई की शाम करीब 5 बजे चर्च मिशनरी इकट्ठे हुए और उन्होंने आसपास के लोगों को ‘यीशु मसीह के चमत्कारों का अनुभव’ करने के लिए लाउडस्पीकर पर आमंत्रित किया। ईसाई समूह घंटों तक लोगों को आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ की लालच देकर यीशु की शरण में आने के लिए प्रेरित करते रहे। वैसे तो वहाँ कोई नहीं आया, लेकिन काफी देर के बाद वहीं के रहने वाले श्लोक अग्रवाल ने मिशनरियों से अशांति फैलाने की बात कह कार्यक्रम बंद करने को कहा। स्थानीय लोगों ने भी इसका विरोध किया।

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अगले दिन चर्च के लोग अपने साथ पुलिस को लेकर आए। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। जब पुलिस उदासीन बनी रही तो लोगों ने मिशनरियों के सामने ‘जय श्री राम और भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर चर्च के लोगों ने कहा, “धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति को हमारे कार्यक्रम से कोई समस्या नहीं होगी। केवल एक अधर्मी ही किसी धार्मिक कार्यक्रम को बाधित कर सकता है।”

लोगों ने पुलिस को बताया कि चर्च के कार्यक्रम में एक भी मोहल्ले का आदमी शामिल नहीं हुआ। सभी बाहर से लाए गए थे। धर्म जागरण समन्वय के राज्य योजना प्रमुख महेंद्र कुमार ने कहा, “यह इलाके की सुरक्षा के लिए खतरा है। अगर उनकी मौजूदगी से कुछ होता है, तो कौन जिम्मेदार होगा?”

ऑपइंडिया से बात करते हुए, ABVP के सोशल मीडिया संयोजक श्लोक अग्रवाल कहते हैं कि इस कार्यक्रम में कोई भी स्थानीय व्यक्ति शामिल नहीं। ये धर्मान्तरण के लिए लालच दे रहे हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि मिशनरियों को इजाजत कैसे मिली। श्लोक ने ईसाइयों पर धमकाने का आरोप लगाया। उनका कहना है, “पुलिस भी उन्हें धर्मान्तरण से रोकने की बजाय हमें रोक रही है।”

छात्रों को हो रही दिक्कतें

बोर्ड की परीक्षा स्थगित हो गई है। इलाके के छात्र परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं, जिन्हें ऐसे कार्यक्रमों से खासी दिक्कतें हो रही हैं। भाजपा नेता नीतू खुराना ने एसडीएम द्वारा कार्यक्रम के लिए दी गई अनुमति पर हैरानी जताई।

इस बीच कुछ छात्रों ने पुलिस से लाउडस्पीकर की आवाज कम करवाने का अनुरोध किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो नाराज लोगों ने ‘जय श्री राम, भारत माता की जय और हर हर महादेव’ के नारे लगाए।

जब चर्च का कार्यक्रम खत्म हुआ तो एक कार उन्हें लेने के लिए आई, जिसमें पुलिस का टैग लगा था। कार का रजिस्ट्रेशन चंडीगढ़ का था।

साभार: आरएसएस कार्यकर्ता प्रशांत

इस दौरान कार का चालान करने की माँग कर रही नीतू खुराना और चर्च की महिलाओं के बीच हाथापाई हो गई। पुलिस को उन्हें ईसाइयों से बचाना पड़ा।

स्थानीय एसएचओ हरदीप सिंह ने कार का चालान करने का वादा किया। ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने इसे मामूली मुद्दा करार दिया।

कार्यक्रम पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने चर्च समूह को दी गई अनुमति पर आपत्ति जताई। ऑपइंडिया के साथ साझा किए गए अनुमति दस्तावेजों में ईसाई कार्यक्रम या ‘चंगई सभा’ ​​का उल्लेख नहीं था। उसमें सत्संग की बात कही गई है।

साभार: आरएसएस कार्यकर्ता प्रशांत
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Anurag
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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over twenty one years of professional experience, including more than five years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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