Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाजपंजाब में 2 अफगान सहित इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट के 16 गिरफ्तार, 60kg ड्रग्स और...

पंजाब में 2 अफगान सहित इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट के 16 गिरफ्तार, 60kg ड्रग्स और गोलियाँ बरामद: नाइट क्लब आदि में सिंडिकेट के लगे हैं पैसे, 30 संपत्तियाँ होंगी जब्त

एजेंसी ने अप्रैल 2022 में वर्षों तक विवादों में रहे दिल्ली के शाहीन बाग से लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। यहाँ भी भारत-अफगान ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया था। इसके साथ भी एजेंसी ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था। वहीं, मुजफ्फरनगर में 35 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई थी।

राष्ट्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने सीमावर्ती राज्य पंजाब में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट के पूरे चेन का भंडाफोड़ किया है। इसमें दो अफगानी नागरिक सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 60 किलोग्राम ड्रग्स और कुछ गोला-बारूद बरामद किया गया है। इस रैकेट का संबंध दिल्ली के शाहीन बाग और यूपी के मुजफ्फरनगर से जुड़ा है।

यह इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल पंजाब के लुधियाना से चलाया जा रहा था। यह सिंडिकेट अफगानिस्तान, पाकिस्तान आदि देशों और भारत के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। रैकेट के लुधियाना समूह से जुड़े 60 से अधिक बैंक खातों को भी अब तक फ्रीज किया गया है।

NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (उत्तरी क्षेत्र) ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि सिंडिकेट का भंडाफोड़ लगभग डेढ़ महीने की अवधि में किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका संबंध दिल्ली के शाहीन बाग और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है।

बता दें कि एजेंसी ने अप्रैल 2022 में वर्षों तक विवादों में रहे दिल्ली के शाहीन बाग से लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। यहाँ भी भारत-अफगान ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया था। इसके साथ भी एजेंसी ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था। वहीं, मुजफ्फरनगर में 35 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई थी।

वहीं, पंजाब के लुधियाना सिंडिकेट मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने ऑपरेशन के दौरान लगभग 60 किलोग्राम हेरोइन और अन्य ड्रग्स बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही एजेंसी ने 31 गोलियाँ और एक मैगजीन भी बरामद की हैं। NCB की चंडीगढ़ यूनिट ने सिंडिकेट से पास से ड्रग्स बनाने के दो लैब का भी खुलासा किया है। 

DDG ज्ञानेश्वर सिंह ने आगे बताया कि हालिया मामले में जाँच नवंबर 2022 के मध्य में शुरू हुई थी। उस दौरान एनसीबी के चंडीगढ़ जोनल ब्यूरो ने लुधियाना में स्थित दो अवैध हेरोइन प्रसंस्करण लैब का भंडाफोड़ किया था। उस लैब को दो अफगान केमिस्ट द्वारा चलाया जा रहा था।

ज्ञानेश्वर सिंह के अनुसार, सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा खरीदी गई 30 संपत्तियों की पहचान की गई है। इन्हें जब्त करने की कार्रवाई जल्दी शुरू की जाएगी। इनमें से कुछ आरोपितों द्वारा पंजाब में नाइट क्लब और रेस्तरां का कारोबार किया जा रहा है, जो जाँच के दायरे में है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा शराब की दुकान, चावल मिल, घी व्यवसाय और प्रतिष्ठित ब्रांडों की विभिन्न एजेंसी जैसे फ्रंट बिजनेस चलाए जा रहे हैं। इस संबंध में इनके साझेदारी से भी बात की जा रही है।

यह सिंडिकेट सिर्फ ड्रग्स की तस्करी ही नहीं, बल्कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग, ट्रैफिकिंग आदि कामों में संलिप्त था। ड्रग्स को प्रोसेस करने के लिए इन लोगों ने लैब भी बना लिया था। ये लोग लंबे समय से इस धंधे से जुड़े हुए थे। ड्रग्स की कमाई का कई धंधों में इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग भी कर रहे थे।

एजेंसी ने संदीप सिंह उर्फ दीपू, हरसुखवीर सिंह उर्फ राजा, अक्षय कुमार छाबड़ा, अजय कुमार उर्फ गोरा ग्रोवर, जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी, हितेश वर्मा, भुवनेश कपूर, संदीप सिंह उर्फ छाता, सुभाष गोयल, अमनदीप छनिया, गुरमेल सिंह उर्फ गैरी, रवलजीत उर्फ रवल वडाला, करीमुदुल्ला यूसुफ (केमिस्ट), मोहम्मद हकीम सलीमी (केमिस्ट), जैदी हैदर राजी और मोहम्मद इमरान शामिल हैं।

बता दें कि नवंबर 2022 में NCB ने बीते 15 नवंबर को इस इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। उस समय NCB ने लुधियाना से संदीप सिंह को 20.32 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद NCB ने इस रैकेट से जुड़े कई गिरफ्तारियाँ की। अब इस सिंडिकेट के पूरे चेन का खुलासा हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -