Wednesday, April 24, 2024
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नकल रोकने के लिए राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार ने फिर बंद की इंटरनेट सेवा, फिर भी पेपर हुआ लीक: जरूरी सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित

इंटरनेट बंद होने से परेशान एक यात्री ने कहा, "मैंने सोचा था कि पेट्रोल स्टेशन में वाई-फाई होगा और भुगतान मशीनें काम कर रही होंगी। लेकिन तेल भरवा लेने के बाद मुझे पता चला कि मुझे नकद भुगतान पेमेंट होगा। इसके बाद मुझे पेमेंट करने के लिए अपने घर फोन करना पड़ा।”

राजस्थान में रविवार (24 अक्टूबर 2021) को कॉन्ग्रेस सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘नकल’ पर अंकुश लगाने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी। यह रोक कई जिलों में लगाई गई थी। सरकार के इस कदम से ट्रैवल और स्वास्थ्य सहित कई सेवाएँ बड़े पैमाने पर प्रभावित हुईं।

राजधानी जयपुर, बीकानेर और दौसा जैसे जिलों में सुबह 6 बजे से 12 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट बंद रहा। ऐसा कदम राज्य में हो रही पटवारी की परीक्षा के चलते उठाया गया था। इस परीक्षा में 10 लाख से अधिक प्रतियोगी परीक्षार्थी शामिल हुए थे। यह परीक्षा 20 से अधिक जिलों में आयोजित की गई थी।

स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुईं

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हर दिन लगभग 10,000 लोगों को सेवा देने वाले मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप ने इस बारे में बताया कि 2 दिन के इस इंटरनेट बैन से दवा आपूर्ति और डॉक्टर से कंसल्टेशन जैसी सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

मेडकॉर्ड्स (Medcords) के सह-संस्थापक श्रेयंस मेहता ने बताया, “टियर-II और टियर-III शहरों में ज्यादातर लोग मोबाइल इंटरनेट पर ही निर्भर हैं। इंटरनेट बंदी के चलते जरूरतमंद लोग डॉक्टरों से अपॉइंटमेंट बुक नहीं कर पाए। हम रोजाना लगभग 8,000-10,000 लोगों को सेवाएँ देते हैं। इन 2 दिनों में यह संख्या घट कर लगभग 2,000 ही रह गई।”

इसके चलते यात्री हवाई यात्रा के लिए ना वेब चेक इन कर पाए, ना ही ट्रेन के आवागमन की जानकारी नहीं ले पाए और ना ही हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों या अस्पतालों के लिए गाड़ी बुक कर पाए।

जयपुर के टूरिस्ट एक्सपर्ट संजय कौशिक के अनुसार, “मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादातर कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है। यात्रा करने वाले लोग वेब चेक-इन करते हैं, ट्रेन के समय को ट्रैक करते हैं और बाकी भी कई विकल्प अपनाते हैं। होटल, रेस्टोरेंट, और दुकानों पर वे डिजिटल पेमेंट करते हैं। इंटरनेट बंद होने से उन्हें काफी असुविधा हुई। इस से प्रदेश की छवि पर असर पड़ा है।”

राज्य सरकार द्वारा परीक्षाओं में नकल और धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट बंदी के ‘मास्टरस्ट्रोक’ से अनजान एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया। उसने लिखा, “पता चला है कि राजस्थान परीक्षा के दौरान पूरे राज्य के लिए इंटरनेट बंद कर दिए गए। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कोई नकल न होने पाए।”

इंटरनेट बंद होने से परेशान एक यात्री ने कहा, “मैंने सोचा था कि पेट्रोल स्टेशन में वाई-फाई होगा और भुगतान मशीनें काम कर रही होंगी। लेकिन तेल भरवा लेने के बाद मुझे पता चला कि मुझे नकद भुगतान पेमेंट होगा क्योंकि मशीन काम नहीं कर रही थी। मुझे पैसे लेने और भराए गए तेल का पेमेंट करने के लिए अपने घर फोन करना पड़ा।”

परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ

तमाम पाबंदियों के बाद भी राजस्थान में परीक्षा से पहले पेपर लीक हो गया। पुलिस ने रविवार को पटवारी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में भरतपुर से 12 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा जिसने कथित तौर पर परीक्षा से ठीक पहले प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। बाद में इस गिरोह ने प्रश्न पत्र परीक्षार्थियों के बीच लीक कर दिया।

REET के लिए भी इंटरनेट बंद किया गया था

यह पहला मौक़ा नहीं है जब राजस्थान सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इंटरनेट बंद किया हो। इससे पहले सितंबर महीने में राजस्थान सरकार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के दौरान अजमेर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद की थी। इसी के साथ बल्क SMS / MMS और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगा दी थी। ये निर्णय राजस्थान पुलिस द्वारा REET 2021 परीक्षा में डमी छात्र बिठाने वाले एक गिरोह के पकड़े जाने के एक दिन बाद लिया गया था। पुलिस ने इस गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया था और 5.60 लाख रुपये भी बरामद किए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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