Sunday, November 29, 2020
Home देश-समाज मास्टर अब्दुल रहमान... इसलिए जयपुर में कोरोना संक्रमण पर बेअसर है ‘भीलवाड़ा मॉडल’

मास्टर अब्दुल रहमान… इसलिए जयपुर में कोरोना संक्रमण पर बेअसर है ‘भीलवाड़ा मॉडल’

निश्चित रूप से भीलवाड़ा मॉडल कोरोना संक्रमण पर काबू पाने का एक बेहतरीन मॉडल साबित हो सकता है। लेकिन इसके लिए उसी तरह की सख्ती, नागरिकों में कानूनों का पालन करने की प्रवृति और प्रशासन में कानून का पालन करवाने की इच्छा शक्ति की जरूरत होती है।

कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए इन दिनों देश में राजस्थान के ‘भीलवाड़ा मॉडल’ की चर्चा हो रही है। यह निश्चित रूप से भीलवाड़ा प्रशासन की बड़ी कामयाबी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए प्रभावित जिलों में तत्काल प्रभाव से भीलवाड़ा मॉडल को लागू करने के लिए निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद जयपुर कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बना हुआ है। तमाम प्रयासों के बावजूद संक्रमण की दर को रोकने में चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन विफल हो रहा है।

आखिर क्यों जयपुर में कोरोना वायरस का एपिसेंटर बने रामगंज में भीलवाड़ा मॉडल विफल हो रहा है? इसे समझने के लिए आपको एक घटना को बारीकी से देखना होगा। बाड़मेर के पहले कोरोना पॉजीटिव अब्दुल रहमान के मामले पर गौर करना होगा।

जयपुर के रामगंज का रहने वाले अब्दुल रहमान बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना तहसील के भलीसर विद्यालय में बतौर प्रधानाचार्य तैनात है। लॉकडाउन के दौरान ही वह एक दिन अपने ‘प्रबंधन’ से निजी वाहन से जयपुर चला गया। उसकी कार्यशैली से वाकिफ कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन को उसकी इस हरकत से अवगत करवाया। साथ ही उसके लौटने की संभावना भी जताई।

छह अप्रैल तक बाड़मेर राजस्थान के उन जिलों में शामिल था, जो कोरोना से पूरी तरह मुक्त था। लेकिन अब्दुल रहमान रामगंज के महाकर्फ्यू को तोड़ते हुए छह अप्रैल को बाड़मेर पहुॅंच गया। बड़ा सवाल यह है कि कैसे कर्फ्यूग्रस्त रामगंज से वह छह जिलों की सीमाओं को पार करता हुआ तीन अन्य लोगों के साथ अपने निजी वाहन से बाड़मेर लौट आया?

एक नर्सिंगकर्मी के संदेश के आधार पर उसकी जॉंच हुई और वह जिले का पहला कोरोना पॉजीटिव निकला। अभी और कितने निकलेंगे, कहा नहीं जा सकता। मगर सबकी सुरक्षा के लिए उसकी ट्रेवल हिस्ट्री जानना बहुत जरूरी हो गया है। फिलहाल उसके खिलाफ बाड़मेर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

अब भीलवाड़ा मॉडल की चर्चा करते हैं। अठारह मार्च को शून्य कोरोना संक्रमण वाला भीलवाड़ा 30 मार्च तक कोरोना वायरस का एपिसेंटर बन गया था। एक चिकित्सक के जरिए लोगों में फैला कोरोना वायरस कई लोगों को संक्रमित कर चुका था। पूरे जिले में भय का माहौल बन गया। जिला प्रशासन ने तत्काल पूरे जिले की सीमाएँ सील कर दी। घर-घर स्क्रीनिंग करते हुए महाकर्फ्यू लगा दिया। लाखों लोगों की स्क्रीनिंग की गई। लोगों को पूरी तरह घरों में बंद कर दिया गया। सबसे अच्छी बात यह कि जिले के लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को पूरी तरह भॉंपते हुए प्रशासन का भरपूर सहयोग दिया। लोगों के सहयोग से कोरोना वायरस को फैलने से रोक लिया गया। चिकित्सकों की कुशलता से जिले में 27 कोरोना पॉजीटिव में आधे से ज्यादा ठीक होकर घर को लौट चुके हैं।

अब रामगंज पर लौटते हैं। जयपुर में प्रदेश का पहला कोरोना मरीज दो मार्च को सामने आया था। वह विदेशी पर्यटक था और स्थानीय लोग उससे संक्रमित नहीं हुए थे। लेकिन रामगंज इलाके की रहमानिया मस्जिद के पास ओमान से आए एक व्यक्ति को जब 26 मार्च को कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो हालात बिगड़ने लगे। हालात बिगड़ने के पीछे की बात की पड़ताल जरूरी है।

ओमान से आए उस व्यक्ति की स्वास्थ्य विभाग ने जॉंच की। लक्षण नहीं पाए जाने पर उसे क्वारंटाइन में रहने को कहा। वह नहीं माना। बाहर निकलता रहा। सामूहिक नमाज में जाता रहा। रिश्तेदारों से मिलता रहा।

फिर आए तब्लीगी जमातियों ने सरकार के तमाम प्रयासों पर पानी फेर दिया। उन्होंने अनेक लोगों को संक्रमित किया। फिर इस इलाके के लोगों की सामूहिक मानसिकता ने इसे और भी बढ़ा दिया। इस सामूहिक मानसिकता को समझना बहुत मुश्किल है। जब इन इलाकों में लॉकडाउन बेअसर हो गया तो प्रशासन को जबरन यहा पहले कर्फ्यू और फिर महाकर्फ्यू लगाना पड़ा। हालात इतने मुश्किल हो गए कि 27 मार्च को परकोटे के सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया। परकोटे में किसी भी तरह की एंट्री बंद कर दी गई।

इस इलाके में ढाई लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। इनमें नब्बे फीसदी से ज्यादा मुस्लिम समुदाय के हैं। दस अप्रैल सुबह नौ बजे जयपुर में कोरोना पॉजीटिव के कुल 168 मरीज सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें नब्बे फीसदी मरीज रामगंज और आसपास के इलाकों के हैं। हर दिन रामगंज से फैलता हुआ यह वायरस आसपास के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है।

फिर से पहले सवाल की ओर आते हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद रामगंज और परकोटे में भीलवाड़ा मॉडल काम क्यों नहीं कर पा रहा है? इसका जबाव थोड़ा कड़वा है। लोग उसमें सांप्रदायिकता भी ढूँढ सकते हैं। मगर कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से मुकाबले के लिए किसी को भी अंधेरे में नहीं रहना चाहिए। भीलवाड़ा जिले में लोगों ने (जिले में बहुसंख्यक हिंदू समुदाय, लगभग 93%) ने स्वतः स्फूर्त कोरोना से लड़ने के लिए मुश्किलों के बावजूद प्रशासन का सहयोग किया। नियम-कायदों का पालन किया। नतीजतन, यह जिला देश भर में एक मॉडल के तौर पर उभरा।

इधर रामगंज में लोग प्रशासन की सख्ती से पहले तक घर में रहने और नमाज नहीं पढ़ने के संबंध में निर्देशों के लिए शायद फतवे का इंतजार करते रहे। प्रशासन के निर्देशों को हवा-हवाई समझते रहे और आपस में मिलते-जुलते रहे। संक्रमण फैलाते रहे।

कोरोना के मामलों की रिपोर्ट में से तबलीगी जमात का कॉलम हटा लेने से सच नहीं छिप सकता। इतनी कड़ाई के बावजूद कोरोना वायरस का वाहक बनकर अब्दुल रहमान बाड़मेर तक पहुॅंच जाता है। सोचने की बात है कि यहाँ भीलवाड़ा मॉडल कैसे लागू किया जा सकता है?

निश्चित रूप से भीलवाड़ा मॉडल कोरोना संक्रमण पर काबू पाने का एक बेहतरीन मॉडल साबित हो सकता है। लेकिन इसके लिए उसी तरह की सख्ती, नागरिकों में कानूनों का पालन करने की प्रवृति और प्रशासन में कानून का पालन करवाने की इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। अब उम्मीद करनी चाहिए कि जयपुर प्रशासन द्वारा इच्छा शक्ति दिखाते हुए भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर जल्द ही जयपुर में भी कोरोना को काबू कर लिया जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने संभाला मोर्चा, कहा- पहले हाईवे खाली कर तय मैदान में जाएँ

“मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूँ कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने उन्हें 3 दिसंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। सरकार किसानों की हर समस्या और माँग पर विचार करने के लिए तैयार है।”

ओवैसी के गढ़ में रोड शो कर CM योगी आदित्‍यनाथ ने दी चुनौती, गूँजा- आया आया शेर आया… देखें वीडियो

सीएम योगी के रोड शो के में- ‘आया आया शेर आया.... राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की’, योगी-योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के भी गगनभेदी नारे लगाए गए।

प्रदर्शन करने वाले किसानों को $1 मिलियन का ऑफर, खालिस्तान के समर्थन में खुलेआम नारेबाजी: क्या है SFJ का मास्टरप्लान

किसान आंदोलन पर खालिस्तान समर्थक ताकतों ने कब्ज़ा कर लिया है। SFJ पहले ही इस बात का ऐलान कर चुका है कि वह खालिस्तान का समर्थन करने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद करेगा।

शादी में पैसा, फ्री कार, मस्जिद-दरगाहों का विकास: तेलंगाना में ‘अल्पसंख्यकों’ पर 6 साल में ₹5600 करोड़ खर्च

तेलंगाना में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए सरकारी खजाने का नायाब उपयोग सामने आया है। तेलंगाना सरकार ने पिछले 6 वर्षों में राज्य में अल्पसंख्यक केंद्रित योजनाओं पर 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

ना MSP ख़त्म होगी, न APMC पर कोई फर्क पड़ेगा: जानिए मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का सच

MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।

कैसे बन रही कोरोना वैक्सीन? अहमदाबाद और हैदराबाद में PM मोदी ने लिया जायजा, पुणे भी जाएँगे

कोरोना महामारी संकट के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में कोरोना वैक्सीन की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। इसके तहत पीएम मोदी देश के तीन शहरों के दौरे पर हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिमों को भड़काने वाला संगठन ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को पहुँचा रहा भोजन: 25 मस्जिद काम में लगे

UAH के मुखिया नदीम खान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

भोपाल स्टेशन के सालों पुराने ‘ईरानी डेरे’ पर चला शिवराज सरकार का बुलडोजर, हाल ही में हुआ था पुलिस पर पथराव

साल 2017 के एक आदेश में अदालत ने इस ज़मीन को सरकारी बताया था लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद ईरानी यहाँ से कब्ज़ा नहीं हटा रहे थे।

31 का कामिर खान, 11 साल की बच्ची: 3 महीने में 4000 मैसेज भेजे, यौन शोषण किया; निकाह करना चाहता था

कामिर खान ने स्वीकार किया है कि उसने दो बार 11 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण किया। उसे गलत तरीके से छुआ, यौन सम्बन्ध बनाने के लिए उकसाया और अश्लील मैसेज भेजे।

ना MSP ख़त्म होगी, न APMC पर कोई फर्क पड़ेगा: जानिए मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का सच

MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने संभाला मोर्चा, कहा- पहले हाईवे खाली कर तय मैदान में जाएँ

“मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूँ कि भारत सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री ने उन्हें 3 दिसंबर को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। सरकार किसानों की हर समस्या और माँग पर विचार करने के लिए तैयार है।”

खालिस्तानियों के बाद कट्टरपंथी PFI भी उतरा ‘किसान विरोध’ के समर्थन में, अलापा संविधान बचाने का पुराना राग

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ओएमए सलाम ने भी घोषणा किया कि उनका इस्लामी संगठन ‘दिल्ली चलो’ मार्च का समर्थन करेगा। वह किसानों की माँगों के साथ खड़े हैं।

ओवैसी के गढ़ में रोड शो कर CM योगी आदित्‍यनाथ ने दी चुनौती, गूँजा- आया आया शेर आया… देखें वीडियो

सीएम योगी के रोड शो के में- ‘आया आया शेर आया.... राम लक्ष्मण जानकी, जय बोलो हनुमान की’, योगी-योगी, जय श्री राम, भारत माता की जय और वंदे मातरम के भी गगनभेदी नारे लगाए गए।

भोपाल स्टेशन के सालों पुराने ‘ईरानी डेरे’ पर चला शिवराज सरकार का बुलडोजर, हाल ही में हुआ था पुलिस पर पथराव

साल 2017 के एक आदेश में अदालत ने इस ज़मीन को सरकारी बताया था लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद ईरानी यहाँ से कब्ज़ा नहीं हटा रहे थे।

मुंबई मेयर के ‘दो टके के लोग’ वाले बयान पर कंगना रनौत ने किया पलटवार, महाराष्ट्र सरकार पर कसा तंज

“जितने लीगल केस, गालियाँ और बेइज्जती मुझे महाराष्ट्र सरकार से मिली है, उसे देखते हुए तो अब मुझे ये बॉलीवुड माफिया और ऋतिक-आदित्य जैसे एक्टर भी भले लोग लगने लगे हैं।”

प्रदर्शन करने वाले किसानों को $1 मिलियन का ऑफर, खालिस्तान के समर्थन में खुलेआम नारेबाजी: क्या है SFJ का मास्टरप्लान

किसान आंदोलन पर खालिस्तान समर्थक ताकतों ने कब्ज़ा कर लिया है। SFJ पहले ही इस बात का ऐलान कर चुका है कि वह खालिस्तान का समर्थन करने वाले पंजाब और हरियाणा के किसानों को 10 लाख रूपए की आर्थिक मदद करेगा।

SEBI ने NDTV के प्रमोटरों प्रणय रॉय, राधिका रॉय और विक्रम चंद्रा समेत 2 अन्य को किया ट्रेडिंग से प्रतिबंधित, जानिए क्या है मामला

भारत के पूँजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विवादास्पद मीडिया नेटवर्क NDTV के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को इनसाइडर ट्रेडिंग से अनुचित लाभ उठाने का दोषी पाया है।

शादी में पैसा, फ्री कार, मस्जिद-दरगाहों का विकास: तेलंगाना में ‘अल्पसंख्यकों’ पर 6 साल में ₹5600 करोड़ खर्च

तेलंगाना में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के लिए सरकारी खजाने का नायाब उपयोग सामने आया है। तेलंगाना सरकार ने पिछले 6 वर्षों में राज्य में अल्पसंख्यक केंद्रित योजनाओं पर 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

ना MSP ख़त्म होगी, न APMC पर कोई फर्क पड़ेगा: जानिए मोदी सरकार के कृषि कानूनों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का सच

MSP हट जाएगा? APMC की शक्तियाँ ख़त्म हो जाएँगी? किसानों को फसल का नुकसान होगा? व्यापारियों की चाँदी होगी? कॉन्ट्रैक्ट कर के किसान फँस जाएँगे? जानिए सारी सच्चाई।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,443FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe