Homeदेश-समाजराजस्थान के मदरसे में हेडमास्टर ने 10वीं की छात्रा के साथ की छेड़खानी, कोई...

राजस्थान के मदरसे में हेडमास्टर ने 10वीं की छात्रा के साथ की छेड़खानी, कोई FIR नहीं: बोलीं महिलाएँ – ऐसे शिक्षकों को गोली मार देनी चाहिए

अभिभावकों का कहना है कि ये आखिर किस भरोसे अपनी बच्चियों को पढ़ने के लिए भेजें। एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के बाद अपनी बच्चियों को कौन मदरसों में भेजेगा, ये वीरान हो जाएँगे।

राजस्थान के नागौर स्थित एक मदरसा के हेड मास्टर द्वारा 10वीं की छात्र से छेड़छाड़ करने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि आरोपित हेड मास्टर ने पीड़िता के साथ अश्लील बातें और छेड़छाड़ की। इस मामले की जानकारी जैसे ही पीड़िता के परिजनों को लगी तो उन्होंने हंगामा किया, जिसके बाद आरोपित हेड मास्टर और महिला शिक्षिका को हटा दिया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना नागौर के गाँधी चौक स्थित हनीफिया सूफिया सीनियर सेकेंडरी मदरसे की है। यह एक प्राइवेट मरदसा है। इसके हेडमास्टर विपिन बागड़ा (38) पर ही छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप है। इस मामले में पीड़ित छात्रा के चाचा का कहना है कि उनकी भतीजी बीते 4 दिन से काफी उदास थी। जब उससे इसका कारण पूछा गया तो उसने हेडमास्टर की करतूत के बारे में बताया।

लेकिन रविवार (13 मार्च 2022) को जब इसकी शिकायत लेकर मदरसे में गए तो हेड मास्टर उल्टा पीड़िता के घरवालों को ही धमकाने लगा। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि हेड मास्टर ने छात्रा के साथ बदसलूकी की। इससे पहले भी वो इस तरह की करतूत करता रहा है। उसकी वजह से कई लड़कियों ने मजबूरन अपनी पढ़ाई छोड़ दी। बड़े पैमाने पर आऱोपित हेड मास्टर को हटाए जाने की माँग उठी।

इस बीच जानकारी मिलते ही बाकी छात्रों के भी अभिभावक वहाँ इकट्ठे हो गए। इनका कहना था कि ये आखिर किस भरोसे अपनी बच्चियों को पढ़ने के लिए भेजें। एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के बाद अपनी बच्चियों को कौन मदरसों में भेजेगा, ये वीरान हो जाएँगे। ऐसे मास्टरों को गोली मार देनी चाहिए। एक अन्य महिला ने कहा कि अगर बच्चियाँ स्कूल में सुरक्षित नहीं होंगी तो कहाँ होंगी।

हंगामा बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। इस बीच मदरसा सदर मोहम्मद शरीफ ने परिजनों की शिकायत पर आरोपित हेड मास्टर को हटा दिया गया है। हालाँकि, उसके खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई नहीं की गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू बन लॉरा फ्रांसिस ने मंदिर में किया विवाह, फिर भी तमिलनाडु सरकार ने गर्भगृह में पूजा से रोका: हाई कोर्ट ने दिया अधिकार,...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि विदेशी नाम या नागरिकता से हिंदू पहचान तय नहीं होती। अमेरिकी महिला को मंदिर में पूजा और प्रवेश का पूरा अधिकार मिला।

‘तमिलनाडु को अलग देश होना चाहिए’: मद्रास HC ने कहा- यह देशद्रोह नहीं, आज के दौर में ऐसा बयान देश/सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि देशद्रोह के आरोपों की समीक्षा हमेशा वर्तमान सामाजिक ताने-बाने और माहौल को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
- विज्ञापन -