Friday, July 1, 2022
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महंत नरेंद्र गिरि के बाद अब अयोध्या में साधु मणिराम दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, मंदिर की तीसरी मंजिल से गिरे नीचे

तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के कारण उनकी मौत हुई है। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने आत्महत्या की है या उनकी हत्या हुई है पुलिस दोनों पहलू से मामले की जाँच कर रही है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत को अधिक दिन भी नहीं बीते थे कि अब अयोध्या में एक साधु की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई है। मृतक साधु की पहचान मणिराम दास के रूप में की गई है। वह श्री राम मंत्रार्थ मंडपम मंदिर की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए थे। पुलिस उनकी मौत के कारणों की जाँच कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के कारण उनकी मौत हुई है। पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने आत्महत्या की है या उनकी हत्या हुई है पुलिस दोनों पहलू से मामले की जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि मरने से पहले बीते कुछ दिन से मणिराम ने लोगों से बातचीत कम कर दी थी। वह अकेले रहा करते थे और बहुत ही कम बाहर निकला करते थे। उन्हें किसी बात की परेशानी थी या नहीं उन्होंने किसी से भी इसका जिक्र तक नहीं किया था।

कुछ समय से तनाव में थे मणिराम

शुरुआती जाँच में सामने आया है कि मृतक साधु मणिराम बीते कुछ समय से तनाव में जी रहे थे। हालाँकि, ऐसा किन कारणों से था यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस प्रशासन मृतक साधु के फोन नंबरों की डिटेल्स को खंगालने में जुट गया है। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन समेत दूसरे साधुओं से पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। महंत का शव बाघमबरी मठ में सोमवार (20 सितंबर 2021) को फाँसी के फंदे से लटकता मिला। इसके बाद उनके शिष्य आनंद गिरि ने उनकी हत्या का भी दावा किया।

इस मामले में मंगलवार (21 सितंबर 2021 ) महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जाँच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन करने का आदेश दिया। प्रयागराज के डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन कर टीम का नेतृत्व डेप्यूटी एसपी अजीत सिंह चौहान को सौंपा दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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