Sunday, July 21, 2024
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‘हम नहीं चाहते किसी को सज़ा दिलाना’: बंगाल में जिन साधुओं को निर्वस्त्र कर पीटा उनसे मिले BJP सांसद, राम मंदिर के पुजारी बोले – ममता बनर्जी है ‘मुमताज खान’

पीड़ित मधुर गोस्वामी ने कहा, "बाद में वो भी बेटियाँ आईं और हमसे माफ़ी माँगने लगीं। हमने कहा कि हमसे ही कोई पाप हुआ जो हमें ये दंड भुगतना पड़ा।"

अप्रैल 2020 में महाराष्ट्र के पालघर में 2 साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार की चूलें हिला दी थीं। पुलिस चुपचाप खड़े होकर तमाशा देखती रही और ये घटना हो गई। विषम परिस्थितियों के बावजूद मुस्कुराते हुए साधु की तस्वीर लोगों के जेहन में कैद हो गई। अब पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से भीड़ ने कुछ इसी तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश की है। वहाँ साधुओं को नग्न कर के उन्हें मारा-पीटा गया।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में जिन साधुओं के साथ क्रूरता की गई, उनमें से एक मधुर गोस्वामी ने अपना दर्द बयाँ किया है। उन्होंने बताया कि साधुओं का दल गंगासागर के लिए जा रहा है, रास्ते में पुरुलिया में अचानक गाड़ी को रोका गया। मधुर गोस्वामी ने बताया कि उनलोगों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, गाड़ी को भी तोड़-फोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन वहाँ पहुँचा। साधु ने बताया कि वहाँ 200-300 के करीब लोग थे, बेहोश हो जाने के कारण उन्हें ठीक से याद नहीं।

बता दें कि भीड़ ने साधुओं पर लड़कियों को लेकर भागने का आरोप लगाया था। इस पर पीड़ित मधुर गोस्वामी ने कहा, “बाद में वो भी बेटियाँ आईं और हमसे माफ़ी माँगने लगीं। हमने कहा कि हमसे ही कोई पाप हुआ जो हमें ये दंड भुगतना पड़ा।” ‘आप क्या चाहते हैं?’ वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि वो कुछ नहीं चाहते हैं, कोई सज़ा नहीं चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अब वो गंगासागर भी नहीं जाएँगे क्योंकि उनकी गाड़ी टूट गई है। साथ ही बताया कि अब वो अपने आश्रम को लौट रहे हैं।

वहीं पुरुलिया से लोकसभा सांसद और राज्य में भाजपा के जनरल सेक्रेटरी ज्योतिर्मय सिंह महतो ने इन साधुओं से मुलाकात कर के उन्हें सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने पीड़ित साधुओं से बातचीत कर के जाना कि उनके साथ क्या-क्या हुआ। उन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी की भी व्यवस्था कराई। भाजपा के IT सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि राज्य की सत्ताधारी TMC का गुंडा अनवर शेख का इस हमले में हाथ है, जो पश्चिम बंगाल पुलिस में ‘सिविक वालंटियर’ भी है।

वहीं अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने भी इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वहाँ की CM का नाम ममता बनर्जी नहीं बल्कि ‘मुमताज खान’ है जो भगवा रंग देखते ही भड़क जाती हैं। उन्होंने कहा कि वेस्ट बंगाल में हो रही हिन्दू विरोधी घटनाओं के पीछे वहाँ की मुख्यमंत्री का ही हाथ है। उन्होंने इस दौरान रामनवमी की शोभा यात्रा पर हमला और दुर्गा पूजा के पंडालों पर हमले का मामला भी उठाया।

सत्येंद्र दास ने कहा कि साधुओं के भगवा वस्त्र देख कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को और भी क्रोध आ जाता है, इसीलिए वो उन पर हमले कराती हैं। बता दें कि साधुओं से मारपीट के मामले में अब तक 12 गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बता दें कि साधुओं ने रास्ते में लड़कियों से रास्ता पूछा था, जिसके बाद ये घटना हुई। वो मकर संक्रांति स्नान में हिस्सा लेने गंगासागर जा रहे थे। पुलिस ने भी माना है कि साधु रास्ता भटक गए थे और इसीलिए उन्होंने रास्ता पूछा था।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुकांता मजूमदार ने भी कहा कि साधुओं को निर्वस्त्र कर के उन्हें TMC के गुंडों द्वारा पीटा गया, जो पालघर त्रासदी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में हिन्दू होना अपराध है, जबकि शाहजहाँ जैसों को सुरक्षा मिलती है। संदेशखाली में तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता शाहजहाँ शेख ने अपने गुर्गों के साथ ED अधिकारियों की हत्या का प्रयास किया था। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे ‘पालघर पार्ट 2’ करार दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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