Wednesday, April 21, 2021
Home राजनीति सफूरा जरगर का कॉन्ग्रेस से भी था रिश्ता, NSUI की जनरल सेक्रेटरी थी जामिया...

सफूरा जरगर का कॉन्ग्रेस से भी था रिश्ता, NSUI की जनरल सेक्रेटरी थी जामिया में… CAA प्रदर्शन में बुलाया था कई कॉन्ग्रेसी नेताओं को

सफूरा ज़रगर जामिया कॉर्डिनेशन कमिटी की कोऑर्डिनेटर भी थी। सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन और हिंसा में उसका अहम रोल था। जामिया मिलिया इस्लामिया में हो रहे सीएए प्रदर्शनों में कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। वहाँ गेस्ट स्पीकर्स की व्यवस्था करने में सफूरा ज़रगर का अहम किरदार था।

दिल्ली में हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में गिरफ़्तार की गई सफूरा ज़रगर जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन ‘नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की जनरल सेक्रेटरी थीं। वो NSUI के जामिया यूनिट की महासचिव थीं। अप्रैल 2018 में सफूरा द्वारा ट्वीट किए गए एक फोटो में वो NSUI का बैनर लेकर खड़ी दिख रही हैं। उसमें उन्होंने NSUI के नेशनल सेक्रेटरी गुलजेब अहमद को भी टैग कर रखा है।

वहीं जनवरी 2017 को ट्वीट किए गए एक अन्य फोटो में भी सफूरा ज़रगर ने NSUI को टैग कर रखा है। मूल रूप से जम्मू कश्मीर से सम्बन्ध रखने वाली सफूरा ज़रगर मई 2018 तक कॉन्ग्रेस के NSUI के जामिया यूनिट की जनरल सेक्रेटरी थी। उसी महीने टीम को भंग कर दिया गया था लेकिन तब तक वो पद पर बनी रही थीं। सफूरा ज़रगर NSUI के विभिन्न कार्यक्रमों को अटेंड करती थीं और इसके नेताओं से मिलती थीं।

बता दें कि सफूरा ज़रगर को दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में संलिप्तता के लिए पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया जा चुका है। अदालत में उसकी जमानत याचिका ख़ारिज होने के बाद वामपंथी गैंग ने उसके गर्भवती होने की बात उठाते हुए हंगामा मचाया। हालाँकि, तिहाड़ जेल में 2013-18 के बीच 24 बच्चों का जन्म हुआ है, जिसके लालन-पालन की उचित व्यवस्था की गई। साथ ही झूले, खिलौने और शिक्षा तक की व्यवस्था की जाती है। उन बच्चों को उचित मेडिकल केयर दिया जाता है।

सफूरा ज़रगर ने दिल्ली दंगों के दौरान जाफराबाद मेट्रो के पास मेन रोड को जाम करने में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस का कहना है कि उसने महिलाओं और बच्चों को भड़का कर हिंसा करवाया था। हाल ही में इस मामले में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर कर आम आदमी पार्टी के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन को आरोपित बनाया है। सफूरा ज़रगर “दिल्ली तेरे खून से, इंकलाब आएगा” नारा लगाती भी देखी गई थी। उस समय वहाँ अरुंधति रॉय भी मौजूद थी।

सफूरा ज़रगर जामिया कॉर्डिनेशन कमिटी की कोऑर्डिनेटर भी थीं। सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन और हिंसा में उसका अहम रोल था। जामिया मिलिया इस्लामिया में हो रहे सीएए प्रदर्शनों में कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। वहाँ गेस्ट स्पीकर्स की व्यवस्था करने में सफूरा ज़रगर का अहम किरदार था। शशि थरूर से लेकर सलमान खुर्शीद तक जैसे कॉन्ग्रेस नेताओं ने जामिया में हो रहे प्रदर्शनों में शिरकत की थी।

शशि थरूर ने जनवरी 2020 में जामिया में प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा था कि असहमति का अधिकार हमारे देश में सबसे ज्यादा क़ीमती है।उन्होंने जामिया और जेएनयू में हिंसक दंगाइयों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा था कि यहाँ छात्रों के साथ बेशर्मी से दुर्व्यवहार किया गया है। साथ ही उन्होंने पुलिस द्वारा लाइब्रेरी में घुस कर छात्रों की पिटाई करने का आरोप लगाया था। उन्होंने सीएए को एनआरसी से भी जोड़ कर देखा था। उनके साथ दिल्ली कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा भी जामिया गए थे।

वहीं वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने तो एक छोटे से बच्चे से आज़ादी का नारा लगवाया था। फ़रवरी 2020 में जामिया मिलिया इस्लामिया पहुँचे सलमान खुर्शीद के सामने अपनी माँ की गोद से ही बच्चे ने नारा लगाया था ‘हम छीन के लेंगे’, जिस पर खुर्शीद व अन्य ने चिल्ला कर जवाब दिया था- ‘आज़ादी’। विवाद होने के बाद उन्होंने पूछा था कि क्या आज़ादी हमारे देश में एक बुरा शब्द हो गया है। क्या लोगों के पास फ्री स्पीच का अधिकार नहीं?

इससे पहले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सफूरा ज़रगर की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि ऑन रिकॉर्ड बातों को ध्यान में रखते हुए, ये नहीं कहा जा सकता कि अभियुक्त के ख़िलाफ़ कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं है। इससे पहले भी दो बार सफूरा जरगर की याचिका को खारिज की जा चुकी है। इससे पूर्व पटियाला कोर्ट ने जरगर की बेल याचिका को खारिज करते हुए उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि 25 जून तक बढ़ा दी थी।

उससे पहले 23 अप्रैल को मेट्रोपोलिटियन मजिस्ट्रेट वसुंधरा छौंकर ने सफूरा को आरोपों को मद्देनजर राहत देने से मना कर दिया था। सफूरा जरगर के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला चल रहा है। उसपर आरोप है कि उसने जाफराबाद-सीलमपुर में 50 दिनों के हंगामा की साजिश रची थी और वहाँ महिलाओं-बच्चों को बिठाने के लिए पूरा जोर लगाया था। कॉन्ग्रेस के फिरोज खान ने सफूरा को रिहा करने की माँग की थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,390FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe