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हिन्दू नाम से फर्जी कागजात बनवा कर साकिब, नवाज और गुलफाम ने किया बैंक फ्रॉड: सिम से लेकर स्टैम्प तक सब फर्जी, सहारनपुर पुलिस ने दबोचा

इन सभी के द्वारा 20 करोड़ रुपये के फर्जी GST बिल बनाए जाने की भी जाँच की जा रही है। सभी ने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि बैंक से फर्जी कागजों पर लिया गया 20 लाख रुपये का लोन उन्होंने खुद पर खर्च कर दिया है।

उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने फर्जी कागज़ात तैयार कर के बैंकों को चूना लगाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 20 लाख रुपए गबन के आरोप में साकिब फारुखी, मोहम्मद नवाज़ और गुलफाम को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी ने मुकेश नाम से सहारनपुर के सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, जोगियान शाखा में ठगी की थी। इन पर कोतवाली सिटी सहारनपुर में अपराध संख्या 210/21 के अंतर्गत धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत कार्रवाई की गई है। यह गिरफ्तारी 4 नवम्बर 2021 (गुरुवार) को की गई है।

सहारनपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, थाना कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की जॉइंट टीम को इन आरोपितों की सूचना मिली थी। घेराबंदी कर के इन्हें गुरुद्वारा रोड सहारनपुर से सुबह 11.30 पर पकड़ा गया। जरूरी कानूनी औपचारिकताओं के बाद इन आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। साकिब फारुखी और मोहम्मद नवाज सहारनपुर के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपित गुलफाम मुजफ्फरनगर का निवासी है।

इन आरोपितों की तलाशी के दौरान फर्जीवाड़े का पूरा सामान बरामद हुआ है। इनके पास से रबर की 7 फर्जी मुहरें, 2 स्टैम्प पैड, 1 फर्जी मोबाईल सिम और 4 मोबाईल फोन बरामद किए गए हैं। साथ ही फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किया जा रहा मुकेश नाम का एक ATM कार्ड भी पुलिस ने ज़ब्त किया है। सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के अधिकारियों को इनके मंसूबों की भनक भी नहीं लग पाई थी। सहारनपुर पुलिस की जाँच में साकिब फारुखी, गुलफाम और मोहम्मद नवाज़ के नामों का खुलासा हुआ।

मिली जानकारी के अनुसार इस गैंग का मुखिया साकिब ही है। इस गैंग द्वारा किसी अन्य व्यक्ति से 90 करोड़ रुपये ठगने की भी जानकारी मिली है, जिस की जाँच की जा रही है। मोहम्मद नवाज़ कम्प्यूटर का अच्छा जानकर है। वह फर्जी कागजात तैयार किया करता था । इनका तीसरा साथी गुलफाम ही मुकेश बन कर बैंक में लोन एप्लाई करने गया था।

इन सभी के द्वारा 20 करोड़ रुपये के फर्जी GST बिल बनाए जाने की भी जाँच की जा रही है। सभी ने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि बैंक से फर्जी कागजों पर लिया गया 20 लाख रुपये का लोन उन्होंने खुद पर खर्च कर दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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