Thursday, January 20, 2022
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‘अगर महिलाएँ और बच्चे शोर नहीं मचाते तो पूरी वाल्मीकि बस्ती को जला देती मुस्लिम भीड़’: सराय काले खाँ की काली रात

मुस्लिम भीड़ लोगों के घर में घुसने लगी, दरवाजों को तोड़ा, महिलाओं के साथ बदतमीजी की गई, उन पर तलवार से हमला किया गया। अब तक अली, फैसल, हसन और अफरान नाम के चार हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। हमले में शामिल बाकी उपद्रवियों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, क्योंकि....

दिल्ली के सराय काले खाँ में एक दलित हिन्दू युवक ने एक मुस्लिम लड़की से शादी की, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने अपने दूसरे 50 से अधिक मुस्लिम साथियों के साथ दलित बस्ती में घुस कर हमला कर दिया। मुस्लिम भीड़ ने बस्ती में हमला कर के ईंट-पत्थर चलाए व चाकू-तलवार, लाठी-रॉड न जाने किन-किन हथियारों से हमला किया। मगर जब बस्ती के हिन्दुओं ने एकजुट होकर उनका प्रतिरोध किया तो वो भाग खड़े हुए।

चूँकि, यहाँ हमले के बाद, हिन्दू छत पर थे और हमलावर भीड़ नीचे गली में, फिर भी इससे पहले कि हिन्दू संभलते, बचाव और विरोध करते तब तक 30 से अधिक गाड़ियाँ थोड़ दी गई, जिसका दरवाजा खोल पाए या खुला मिला बस्ती में उस पर हमला किया। बताया जा रहा है कि मुस्लिम भीड़ गाड़ी तोड़ने के बाद उसी में से पेट्रोल निकालकर बस्ती जलाने की कोशिश में थे, मगर बस्ती के लोगों और महिलाओं की सक्रियता ने, उनके मदद के लिए खूब तेज शोर मचाने ने इस हादसे को होने से बचा लिया।

चश्मदीदों ने बताया कि शनिवार (मार्च 20, 2021) की रात लगभग 11 बजे 50-60 की संख्या में मुस्लिम भीड़ आई। उनके हाथ में कई तरह के हथियार थे। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर के 12 बजे मुस्लिम लड़की की एक रिश्तेदार, जिसका नाम शबीना (पिता का नाम सुलेमान) था, ने बस्ती में आकर धमकी दी थी। उसने कहा था कि वो शाम में खून की होली खेलेगी, शाम के समय सेलेक्ट कॉलोनी थाने में भी लड़का और लड़की दोनों पर हमला करने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस ने समझा कर हटा दिया। लेकिन रात में सबीना ने अगुवाई करते हुए मुस्लिम भीड़ को बाल्मीकि बस्ती में लाई और इस भयावह घटना को अंजाम दिया गया।

मुस्लिम भीड़ लोगों के घर में घुसने लगी, दरवाजों को तोड़ा, महिलाओं के साथ बदतमीजी की गई, उन पर तलवार से हमला किया गया। मामले में फिलहाल अली, फैसल, हसन और अफरान नाम के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हमले में शामिल बाकी लोगों की अभी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, क्योंकि बताया जा रहा है कि इन लोगों को हमला करने के लिए बाहर से बुलाया गया था। 

उन्होंने बताया कि जब मुस्लिम भीड़ ने मस्जिद की तरफ से प्रवेश करते हुए चारो तरफ फैलकर पहले बस्ती घेर लिया और तोड़फोड़ करते हुए काफी पथराव करने लगे। तब वहाँ के लोगों को लगा अगर लड़े नहीं तो नहीं बचेंगे। सबने छतों से और बाहर निकलकर एकजुट होकर ललकारा तब CCTV और लोगों के छतों और गली में डट जाने से मुस्लिम भीड़ भाग खड़ी हुई। उन्हें पुलिस के आ जाने का भी डर था क्योंकि लोग लगातार दिल्ली पुलिस को कॉल कर रहे थे। लेकिन लगभग इस आधे में भी उपद्रवियों ने लगभग 30 गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया। वो लोग गाड़ियों की टंकी खोल कर आग लगाने की कोशिश कर रहे थे, बताया गया उनके एसिड भी था लेकिन लोग छतों से भारी चीज गली में फेंकने लगे थे जिससे मुस्लिमों को भागना पड़ा।

यह भी कहा जा रहा है कि गाड़ियों को गिराकर भागते समय भी कुछ लोगों ने तेजी से टंकियों से पेट्रोल निकालने की कोशिश की, ताकि बस्ती में आग लगा सकें, लेकिन बस्ती की महिलाओं और बच्चों की बहादुरी के सामने वो डर गए और भाग खड़े हुए। अगर वो पेट्रोल निकालने में कामयाब हो जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

बता दें कि दलित युवक सुमित के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार (मार्च 20, 2021) रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया था। 50 से अधिक की संख्या में बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं की कुल तीन गलियों को निशाना बनाया और तलवार लाठी डंडे और पत्थरों के साथ जमकर हमला कर दिया।

शादीशुदा जोड़े ने वीडियो जारी कर सुरक्षा की माँग की है। 22 वर्षीय युवक ने कहा कि उन्होंने मार्च 17 को अपनी मर्जी से शादी की है और लड़की भी बालिग है। युवक और युवती ने वीडियो जारी कर के सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि गली तहस-नहस कर दी गई है और धारदार हथियारों से किए गए वार में कई लोग घायल भी हुए हैं। युवक ने बताया कि उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है और ऐसी ही धमकियाँ उसे भी लगातार मिल रही है। युवक ने परिवार और खुद के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई।

 

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रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

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