Thursday, August 5, 2021
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‘वे गाली दे रहे थे, कहा हमें दे दो, काट देंगे’: दलित सुमित की माँ की जुबानी सुनिए ‘काले खाँ’ की पूरी कहानी

"मुस्लिम भीड़ ने उस थाने को ही घेर लिया था, जहाँ पर उनमें राजीनामा हुआ था। जब भीड़ ने उनको पूरी तरह से घेर लिया तो पुलिस ने सुरक्षा के मद्दे नजर लड़के के परिजनों को अंदर बुला लिया। वो लोग गाली-गलौज कर रहे थे। कह रहे थे कि लड़की को दे दो, काट देंगे। अब हमारे काम की नहीं रही। इसने ईमान खो दिया।"

दलित युवक सुमित के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार (मार्च 20, 2021) रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया। 50 से अधिक की संख्या में बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं की कुल तीन गलियों को निशाना बनाया और तलवार लाठी डंडे और पत्थरों के साथ जमकर हमला कर दिया।

ऑपइंडिया ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी लेने के लिए सुमित की माँ से बात की। सुमित की माँ ने बताया कि उन दोनों का 3-4 साल से चक्कर चल रहा था। उन्होंने बताया कि सुमित की उम्र 22 साल है। वह घर में सबसे छोटा और शरीफ है। उसकी मुहल्ले में कभी किसी के साथ लड़ाई नहीं हुई। उसे किसी तरह की बुरी लत नहीं है।

सुमित की माँ ने बताया, “एक दिन उसने मुझसे कहा कि मम्मी मैं उससे (मुस्लिम लड़की) प्यार करता हूँ। आप उसके घर जाकर माँ-पापा से मेरे लिए रिश्ता माँग लो। हम घर के 5-6 लोग उनके घर गए, हाथ जोड़े। उनसे कहा कि इससे हमारे बच्चे भी खुश हैं और आपके बच्चे भी खुश हैं। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं, उनकी शादी कर दो। या फिर तुम उसकी शादी कहीं और कर दो, हम अपने लड़के को रोक लेंगे। उन लोगों ने हमें जलील किया। भं* कहा। हमारी जाति को लेकर बोला।”

उन्होंने आगे बताया, “लड़की पूरी तरह से बिगड़ गई। उसने रोते हुए कहा कि वो उसी से शादी करेगी। उसी के साथ रहेगी और अगर उन्होंने उनकी शादी नहीं की तो वो कुछ कर लेगी। हम बस उनकी बात सुन कर आ गए। हमने कोई लड़ाई नहीं की। बच्चे दोनों राजी हैं। आर्य समाज से भी शादी हुई है, कोर्ट मैरेज भी हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा भी दिया है।”

सुमित की माँ ने बताया, “मुस्लिम भीड़ ने उस थाने को ही घेर लिया था, जहाँ पर उनमें राजीनामा हुआ था। जब भीड़ ने उनको पूरी तरह से घेर लिया तो पुलिस ने सुरक्षा के मद्दे नजर लड़के के परिजनों को अंदर बुला लिया। वो लोग गाली-गलौज कर रहे थे। कह रहे थे कि लड़की को दे दो, काट देंगे। अब हमारे काम की नहीं रही। इसने ईमान खो दिया।”

लड़के की माँ ने कहा कि अगर उनकी बेटी जाती है तो ले जाए, लेकिन लड़की ने जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि डर की वजह से राजीनामा के बाद उन्हें अपने घर लेकर नहीं आई। उन लोगों ने उनके घर में तोड़फोड़ की। घर में आग लगाने की कोशिश की। अगर उस दिन घर पर वो लोग होते वो मार दिए जाते। पुलिस काफी सुरक्षा के साथ उन्हें भीड़ से बचाकर लाई। मामले में 4-5 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

गौरतलब है कि दक्षिणी दिल्ली के सराय काले खाँ गाँव में शनिवार रात मुस्लिम समुदाय के 50 से अधिक उपद्रवियों ने जमकर बवाल किया। मुस्लिमों की उग्र भीड़ ने इलाके की दलित बस्ती में घुसकर आधे घंटे तक लाठी डंडों और तलवार के साथ हिन्दुओं की संपत्ति को तहस-नहस किया

दलित युवक के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया जैसे किसी का इन्हें डर ही न रहा हो।

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रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

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