Homeदेश-समाज'हमारा जीवन खतरे में, वो दंगा-फसाद कर रहे': शादीशुदा दलित युवक व मुस्लिम युवती...

‘हमारा जीवन खतरे में, वो दंगा-फसाद कर रहे’: शादीशुदा दलित युवक व मुस्लिम युवती ने PM मोदी से लगाई सुरक्षा की गुहार

शादीशुदा दलित हिन्दू युवक और मुस्लिम युवती ने वीडियो जारी कर के सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम मोदी से भी निवेदन किया।

NOTE: इस खबर के साथ लगाई गई वीडियो और फोटो को हटा लिया गया है। कारण है शादीशुदा जोड़े की सुरक्षा। वीडियो के कारण जहाँ भी वो हैं, उनकी पहचान उजागर होने का खतरा है और मुस्लिम पक्ष के लोगों ने सरेआम उनको मार डालने की धमकी दी है। OpIndia की अपील है अपने पाठकों से – अगर आपके पास भी वो वीडियो है, तो कृपया उसे फॉर्वर्ड न करें, शादीशुदा जोड़े को अपना जीवन खौफ में न जीनें दें।

दिल्ली के सराय काले खाँ में एक दलित हिन्दू युवक ने एक मुस्लिम लड़की से शादी की, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने दलित बस्ती में घुस कर हमला कर दिया। अब शादीशुदा जोड़े ने सुरक्षा की माँग की है।

22 वर्षीय युवक ने कहा कि उन्होंने मार्च 17 को अपनी मर्जी से शादी की है और लड़की भी बालिग़ है। युवक ने कहा कि लड़की के घर वालों ने उसकी बस्ती में हमला कर के ईंट-पत्थर चलाए व चाकू-तलवार से हमला किया।

युवक और युवती ने वीडियो जारी कर के सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि गली तहस-नहस कर दी गई है और धारदार हथियारों से किए गए वार में कई लोग घायल भी हुए हैं।

उक्त युवक ने बताया कि उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है और ऐसी ही धमकियाँ उसे भी लगातार मिल रही है। युवक ने परिवार और खुद के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई।

युवक ने आरोप लगाया कि लड़की के परिवार वाले दंगे-फसाद कर रहे हैं। वहीं उसी वीडियो में युवती ने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षा की माँग करती हैं। युवती ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से बिना किसी दबाव के शादी की है।

बता दें कि दलित युवक सुमित के मुस्लिम समुदाय की लड़की से शादी करने से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने शनिवार (मार्च 20, 2021) रात सराय काले खाँ गाँव की दलित बस्ती में बेखौफ जमकर उत्पात मचाया था। 50 से अधिक की संख्या में बस्ती में घुसी मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं की कुल तीन गलियों को निशाना बनाया और तलवार लाठी डंडे और पत्थरों के साथ जमकर हमला कर दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -