Tuesday, July 23, 2024
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धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में झारखंड में सड़क पर जनजातीय समाज: बंद का दिखा असर, CM सोरेन के आवास और दफ्तर के पास लगा दी गई धारा-144

झारखंड के जनजातीय संगठन पाहन संघ के अध्यक्ष जगदीश पाहन ने का कहना है कि सरना झंडा का अपमान किया गया है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

झारखंड में धार्मिक झंडा जलाए जाने के विरोध में जनजातीय संगठनों ने राँची बंद का आह्वान किया है। जनजातीय झंडा जलाने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। संगठन के नेताओं का कहना है कि उनके धार्मिक झंडे के साथ जो किया गया है वह बेहद निंदनीय है।

दरअसल, सरना झंडा जलाए जाने को लेकर जनजातीय वर्ग बेहद गुस्से में हैं। इसको लेकर बीते एक सप्ताह से लगातार सरगर्मी देखने को मिल रही थी। इसी कड़ी में जनजातीय संगठनों ने शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) को केंद्रीय सरना समिति के बैनर तले राजधानी राँची में मशाल जुलूस निकाला था। साथ ही शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को राँची बंद का आह्वान किया था। इसके चलते प्रशासन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास और सचिवालय के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लगा दी है। किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए राजधानी राँची में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

झारखंड के जनजातीय संगठन पाहन संघ के अध्यक्ष जगदीश पाहन ने का कहना है कि सरना झंडा का अपमान किया गया है, इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि पुलिस जल्द से आरोपितों की गिरफ्तारी करे। इसको लेकर मशाल जुलूस निकाला गया था। अब बंद भी किया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की का कहना है कि जनजातीय अपनी परंपरा व संस्कृति के को लेकर जागरूक हैं। अपने सम्मान की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उनका दावा है कि यह राँची बंद अब तक का सबसे ऐतिहासिक बंद होगा।

जगह-जगह दिखा बंद का असर

जनजातीय संगठनों द्वारा बुलाए गए रांची बंद का असर शनिवार (8 अप्रैल, 2023) की सुबह से ही दिखने लगा था। संगठन के लोगों ने कई जगहों पर सड़क को जाम कर दिया। खासतौर से बिरसा चौक और बायपास रोड में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया था। इससे स्कूल और कॉलेज की बसें पूरी तरह से प्रभावित हुईं। हालाँकि बाद में प्रशासन ने जाम खुलवा दिया। वहीं, कई जगहों पर टायर जलाकर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘आंदोलन चलता रहेगा-झारखंड जलता रहेगा’ जैसे नारे भी लगाए। राँची में दुकानें और मुख्य बाजार भी बंद का असर दिखा।

क्या है मामला

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की के अनुसार, जनजातियों के प्रमुख त्योहार सरहुल उत्सव के अगले दिन यानी 25 मार्च, 2023 को उपद्रवियों ने राँची के लोअर करम टोली इलाके में लगे सरना झंडा को निकाल कर जला दिया था। इस मामले में शिकायत के बाद भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है, इसलिए मजबूरन बंद का आह्वान किया गया।

5 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है मामला

सरना झंडा के अपमान को लेकर लोअर करम टोली निवासी राजेंद्र मुंडा 5 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में FIR दर्ज कराई है। यह एफआईआर दीपक सिंह, प्रकाश सिंह, संतोष सिंह, रवींद्र गोप और सुजीत उराँव के खिलाफ हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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