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जिस असम को हिंदुस्तान से काटना चाहता था शरजील, 4 दिन की रिमांड पर वहीं पहुँचा

एएमयू में 16 जनवरी को आयोजित सभा में शरजील ने कहा था कि अगर 5 लाख लोग संगठित हों तो वो असम से हिंदुस्तान को हमेशा के लिए अलग कर सकता है।

देशद्रोह के आरोपित और जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को गुरुवार (फरवरी 20, 2020) को गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। यहाँ कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। शरजील ने अलीगढ़ में सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी बयान देते हुए असम को देश से काटने की बात कही थी। जिसके बाद उसको पिछले महीने बिहार में उसके गृहनगर जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद उसके लैपटॉप में विवादित पोस्टर, फोटो और मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक मैसेज बरामद हुए थे। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा हुआ था और साथ ही उसके बैंक खातों में विदेशी फंडिंग के संकेत भी मिले थे। बता दें कि एएमयू में 16 जनवरी को आयोजित सभा में शरजील ने कहा था कि अगर 5 लाख लोग संगठित हों तो हम असम से हिंदुस्तान को हमेशा के लिए अलग कर सकते हैं।

जामिया मामले में भी शरजील पर हिंसा भड़काने का आरोप है। जिसके मद्देनजर पिछले दिनों दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी। इसमें उसकी भूमिका को instigator (दंगा/हिंसा भड़काने वाला) के रूप में बताया गया था। गुवाहाटी लाए जाने से पहले शरजील को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ शरजील इमाम के खिलाफ कानून कार्रवाई की प्रक्रिया चालू है। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने भी उसके ख़िलाफ़ गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अपना विरोध जताया।। बता दें कि इससे पहले इमाम को 18 फरवरी को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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