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जिस लखबीर को मारकर टाँग दिया, उसके परिवार ने माँगी- नौकरी, CBI जाँच, ₹50 लाख मुआवजा: अमित शाह के OSD से मिले

दरअसल, सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्‍टूबर को निहंगों ने लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। लखबीर की हत्‍या की जिम्मेदारी निहंग समूह निर्वेर खालसा-उड़ना दल ने ली थी। इसका कारण पवित्र ग्रंथ की बेअदबी बताया था।

सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्टूबर को मारे गए दलित युवक लखबीर सिंह के परिवार ने आज (28 अक्टूबर 2021) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ओएसडी से मुलाकात की। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन देते हुए मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये और सरकार नौकरी की माँग की। इसके साथ ही परिवार ने मामले की जाँच CBI से कराने की भी माँग की।

बता दें कि बुधवार (27 अक्टूबर 2021) को सिंघु बॉर्डर पर मृतक लखबीर सिंह के समर्थन में प्रदर्शन हुआ था। लखबीर सिंह के परिवार को मुआवजे और सरकारी नौकरी की माँग को लेकर हिंद मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता बॉर्डर के पास पहुँच रहे थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया था। बताया जाता है कि उनका प्‍लान सिंघु बॉर्डर पर धरना और हवन करने का था।

सिंघु बॉर्डर के पास नरेला में भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने इन्हें नरेला इंडस्ट्रियल इलाके में ही रोक लिया। हिंद मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता जब आगे बढ़ने लगे, तब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस के साथ झड़प शुरू हो गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया

गौरतलब है कि सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्‍टूबर को निहंगों ने लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। लखबीर की हत्‍या की जिम्मेदारी निहंग समूह निर्वेर खालसा-उड़ना दल ने ली थी। इसका कारण पवित्र ग्रंथ की बेअदबी बताया था। हरियाणा में सोनीपत जिले के कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास लखबीर का शव बैरिकेड से बँधा मिला था। एक हाथ कटा हुआ खून से लथपथ था। हत्या के मामले में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया है। किसानों का प्रदर्शन स्थल सिंघु में दिल्ली-हरियाणा सीमा के नजदीक है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीनों से यह ‘किसानों’ के आंदोलन का केंद्र बना हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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