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रेसलर निशा हत्याकांड: मुख्य आरोपित कोच पवन और साथी सचिन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने द्वारका से किया गिरफ्तार

आरोपित पवन के पास से लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। निशा की हत्या करके पवन बाईक से फरार हो गया था। इस काम में उसकी मदद गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपित सचिन ने की थी।

हरियाणा के सोनीपत निवासी पहलवान निशा और उनके भाई सूरज की हत्या के आरोप में कोच पवन और सचिन को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने की है। हत्या के बाद से ही दोनों आरोपित फरार चल रहे थे। इन पर हरियाणा पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम भी रखा था। यह गिरफ्तारी दिल्ली के द्वारका इलाके से की गई है। दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी 12 नवम्बर 2021 (शुक्रवार) को होना बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपित पवन के पास से लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। निशा की हत्या करके पवन बाईक से फरार हो गया था। इस काम में उसकी मदद गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपित सचिन ने की थी। हत्यारोपित पवन पिछले 4 साल से निशा को कुश्ती सिखा रहा था। निशा के परिवार वालों का आरोप है कि वह निशा पर गंदी नजर रखता था। इसी के साथ वह मृतका के साथ अक्सर छेड़खानी किया करता था। जब निशा ने इसका विरोध किया तब उसने निशा की हत्या कर दी।

निशा सोनीपत के हलालपुर गाँव के बाहर स्थित सुशील कुमार कुश्ती एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही थीं। निशा की हत्या गोली मार कर की गई थी। बाद में दुस्साहसिक रूप से आरोपितों ने उसके घर फोन कर शव को वहाँ से ले जाने को कहा था। घटना की जानकारी होने पर जब पीड़िता की माँ और उसका भाई मदद के लिए पहुँचे तो आरोपितों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में निशा के छोटे भाई सूरज की मौत हो गई थी। बुरी तरह से घायल निशा की माँ का इलाज पीजीआई रोहतक में इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद लोगों में थोड़े समय भ्रम की स्थिति रही। निशा नाम से कई लोगों को ओलम्पिक मेडलिस्ट पर हमले का शक हुआ। कई मीडिया संस्थानों ने भी इसी प्रकार की भ्रामक खबर प्रसारित कर दी थी। यद्द्पि बाद में सोनीपत पुलिस और खुद निशा दहिया ने सामने आ कर स्थिति को साफ किया। इसके बाद लोगों को यह जानकारी हो पाई कि जिस निशा की हत्या हुई वह एक नवप्रवेशी कुश्ती खिलाडी थी। मृतका निशा के पिता दयानंद ने बताया कि उनकी बेटी ने यूनिवर्सिटी स्तर पर एक मेडल जीता था। इस पुरस्कार की राशि निशा ने अपने कोच को दे दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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