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केजरीवाल ने कहा- चुनाव प्रचार से रोकने के लिए किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब 29 अप्रैल को सुनेंगे आपकी: ED से माँगा जवाब

शीर्ष अदालत में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका तब दायर की गई थी, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने राय दी थी कि इस घोटाले में केजरीवाल की संलिप्तता दिखाने के लिए सबूत हैं। हाई कोर्ट ने कहा था कि रिश्वत के रूप में प्राप्त धन का इस्तेमाल 2022 के गोवा विधान सभा चुनावों में राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (15 अप्रैल 2024) को दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया। दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी और दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी रिमांड को चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को 24 अप्रैल 2024 या उससे पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका 29 अप्रैल 2024 से शुरू होने वाले सप्ताह तक के लिए टाल दी है। सीएम केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि उन्हें चुनाव प्रचार से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पहले की तारीख की माँग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की। उन्होंने कहा, “यह एक असामान्य मामला है। इसमें 15 बयान (गवाहों के) हैं… 10 एक ही व्यक्ति के हैं.. ये एक बयान बन जाता है..।”

हालाँकि, सिंघवी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “16 मार्च को गिरफ्तारी का समय बहुत पहले मामला दर्ज होने के बाद का है… पहले दौर का मतदान 19 अप्रैल को है।” इस पर पीठ ने कहा, “हम तथ्यों को जानते हैं और हमने कागजी किताबों का अध्ययन किया है। हमारे द्वारा नोटिस जारी करने के बाद आपको बहस नहीं करनी चाहिए।”

शीर्ष अदालत में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की याचिका तब दायर की गई थी, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने राय दी थी कि इस घोटाले में केजरीवाल की संलिप्तता दिखाने के लिए सबूत हैं। हाई कोर्ट ने कहा था कि रिश्वत के रूप में प्राप्त धन का इस्तेमाल 2022 के गोवा विधान सभा चुनावों में राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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