Sunday, August 1, 2021
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सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ग्रेस ‘टूलकिट’ मामले पर विचार करने से किया इनकार, कहा- नहीं पसंद तो करें नजरअंदाज

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को टूलकिट पसंद नहीं है तो उसे नजरअंदाज कर देना चाहिए। अदालत ने कहा, ''इसके लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाने चाहिए। आप हाईकोर्ट जा सकते हैं।" इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जुलाई 2021) को कॉन्ग्रेस टूलकिट मामले के खिलाफ जाँच कराने की माँग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को टूलकिट पसंद नहीं है तो उसे नजरअंदाज कर देना चाहिए। अदालत ने कहा, ”इसके लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाने चाहिए। आप हाईकोर्ट जा सकते हैं।” इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह ने याचिकाकर्ता एडवोकेट शशांक शेखर झा से पूछा कि अनुच्छेद-32 के तहत इस याचिका पर कैसे विचार किया जा सकता है।

लाइवलॉ डॉट इन‘ के अनुसार जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “अगर आपको टूलकिट पसंद नहीं है तो इसे नजरअंदाज कर दीजिए।” इस पर वकील झा ने कहा कि कोरोना वायरस म्यूटेंट के लिए ‘इंडियन वेरिएंट’ शब्द का इस्तेमाल करना एक प्रोपेगेंडा था। उन्होंने कहा कि सिंगापुर ने ‘सिंगापुर वेरिएंट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है। इस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “भारत एक लोकतंत्र है, आप जानते हैं?”

वहीं, जस्टिस शाह ने कहा कि इस मामले में एक आपराधिक जाँच पहले ही लंबित है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को अनुच्छेद-32 के अलावा अन्य उपाय अपनाने चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर इस याचिका पर विचार नहीं कर सकते हैं, याचिकाकर्ता को वैकल्पिक रास्ते अपनाने चाहिए। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति माँगी।

दरअसल, इस याचिका में टूलकिट की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) से करवाने की माँग की गई थी और जाँच में आरोप सही पाए जाने पर कॉन्ग्रेस पार्टी का पंजीकरण रद्द करने को कहा गया था।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर 18 मई 2021 को एक दस्तावेज खूब शेयर किया गया था, जिसके बारे में यह दावा किया गया था कि यह ‘कॉन्ग्रेस का टूलकिट’ है। इसमें कुम्भ मेले को बदनाम करने, ईद का महिमामंडन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने और जलती चिताओं व लाशों की तस्वीरें शेयर कर भारत को बदनाम करने का खाका था।

उस दौरान कॉन्ग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने भी स्वीकार किया था कि टूलकिट के लीक हुए दो डॉक्यूमेंट्स में से एक ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के शोध विभाग द्वारा तैयार किया गया था। कॉन्ग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने ट्वीट करके यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि AICC ने ही सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर एक शोध पत्र तैयार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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