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कार्ति चिदंबरम को विदेश यात्रा के लिए डिपॉजिट 10 करोड़ लौटाने से SC ने किया इंकार

......उस समय भी सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति से कहा था कि अगर वो पुराने मामले में दस करोड़ वापस चाहते हैं तो कोर्ट रिफंड कर देगा, लेकिन विदेश जाने के लिए 10 करोड़ की सुरक्षा राशि को बढ़ाकर 20 करोड़ कर देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉन्ग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम द्वारा विदेश यात्रा के लिए जमा कराई गई 10 करोड़ की राशि को लौटाने से मना कर दिया है।

जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अभी कार्ति चिदंबरम द्वारा जमा कराई गई रााशि सावधि खाते में 3 महीने तक जमा रहेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कुछ समय पहले मनी लॉन्ड्रिंग और एयरसेल-मैक्सिस जैसे मामलों में आरोपित कार्ति चिदंबरम को मई-जून के महीने में अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए यू.एस, स्पेन, और जर्मनी जाना चाहते थे। जिसके लिए कोर्ट ने उन्हें सेक्योरिटी मनी के रूप में 10 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दिया था। और साथ ही उस समय सीजेआई रंजन गोगोई, न्यायाधीश दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की बेंच ने उन्हें लिखित आश्वासन देने के भी निर्देश दिए थे कि वह विदेश से लौटने के बाद जाँच में सहयोग करेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ सख्ती होगी।

हालाँकि, उस समय कोर्ट में कार्ति चिदंबरम द्वारा राशि जमा करवा दी गई थी, लेकिन अब कोर्ट वो पैसे लौटाने से इंकार कर रहा है। कोर्ट का कहना है कि कार्ति ने शीर्ष अदालत द्वारा विदेश यात्रा के लिए लगाए गए शर्त के अनुसार 10 करोड़ रुपए जमा किए थे। जिसके लौटाने की याचिका को कोर्ट मई में भी खारिज कर चुका हैं।

उन्होंने बताया कि उस समय भी सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति से कहा था कि अगर वो पुराने मामले में दस करोड़ वापस चाहते हैं तो कोर्ट रिफंड कर देगा, लेकिन विदेश जाने के लिए 10 करोड़ की सुरक्षा राशि को बढ़ाकर 20 करोड़ कर देगा। इस दौरान रंजन गोगोई और जस्टिस अनुराधा बोस ने उनकी याचिका को खारिज किया था और सख्ती से कहा था कि वो अपने संसदीय क्षेत्र पर ध्यान दें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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