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बंगाल भर्ती घोटाले पर ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, बताया ‘फ्रॉड’: CJI चंद्रचूड़ बोले – जनता का विश्वास चला जाता है तो कुछ नहीं बचता

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को इस बात को लेकर डांट लगाई कि उसके पास इस भर्ती में शामिल हुए लोगों की परीक्षा का डाटा नहीं है। उसने कहा कि बंगाल सरकार को इसका डाटा डिजिटल तरीके से रखना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट को बंगाल सरकार ने बताया था कि उसके पास इस भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका की कॉपी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को लताड़ लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शिक्षक भर्ती एक ‘सिस्टमेटिक फ्रॉड’ है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों की कई और बंगाल सरकार की गड़बड़ी को लेकर खूब सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के भर्ती रद्द करने के फैसले पर रोक भी लगा दी है।

मंगलवार (7 मई, 2024) को पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा, “सरकारी नौकरियों की वैसे ही इतनी कमी है, अगर जनता का विश्वास चला गया तो कुछ नहीं बचेगा। यह सिस्टेमिक फ्रॉड है। एक तो सरकारी नौकरियां हैं नहीं और सिस्टम में क्या बचेगा अगर उन पर भी दाग लगता है। आप इसको किस तरह रखेंगे।”

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को इस बात को लेकर डांट लगाई कि उसके पास इस भर्ती में शामिल हुए लोगों की परीक्षा का डाटा नहीं है। उसने कहा कि बंगाल सरकार को इसका डाटा डिजिटल तरीके से रखना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट को बंगाल सरकार ने बताया था कि उसके पास इस भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका की कॉपी नहीं है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सीबीआई को मामले आगे जाँच करने की अनुमति भी दे दी है।

कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई को किसी अधिकारी या अभ्यर्थी के विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस भर्ती में जो लोग अवैध रूप से भर्ती हुए, उन्हें अपनी तनख्वाह लौटानी होगी। सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट के शिक्षक भर्ती मामले पर दिए गए निर्णय के विरुद्ध याचिका लगाई हुई है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस भर्ती में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए अप्रैल में रद्द कर दिया था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 25,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए। हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि जो लोग इसके जरिए भर्ती हुए हैं, उन्हें सरकार से ली गई तनख्वाह भी 12% ब्याज के साथ लौटानी होगी। कोर्ट ने कहा था बंगाल शिक्षक भर्ती आयोग इसे दोबारा नए सिरे से चालू करे। इस मामले में सीबीआई की जाँच भी चल रही है। इस निर्णय के खिलाफ बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँची थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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