Homeदेश-समाजकश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या का सुरक्षाबलों ने लिया बदला, 24 घंटे में...

कश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या का सुरक्षाबलों ने लिया बदला, 24 घंटे में मार गिराए 3 आतंकी: मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, हत्या की SIT जाँच

जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। 

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकियों के टारगेट किलिंग (Target Killing) का सुरक्षाबलों ने जवाब देते हुए 24 घंटे के भीतर शुक्रवार (13 मई 2022) को तीन आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में कश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या करने वाले दो इस्लामिक आतंकी भी शामिल हैं। तीसरे आतंकी की पहचान गुलजार अहमद के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे आतंकी की तलाश जारी है। बता दें कि भट की हत्या की जाँच के लिए सरकार ने SIT गठित की है।

SP (ऑपरेशन) इफ्तखार तालिब ने बताया कि पिछले कई सप्ताह से इन आतंकियों को ट्रैक कर रहे थे। बाद में इन्हें मार गिराया गया। वहीं, अन्य आतंकियों की भी तलाश जारी है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने राहुल भट की हत्या की जाँच के लिए SIT का गठन किया है। इसके साथ ही सरकार ने उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने और बेटी की पढ़ाई का खर्च वहन करने का ऐलान किया है। बता दें कि भट की हत्या को उनके परिजनों साजिश करार देते हुए जाँच की माँग की थी।

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा (LG Manoj Sinha) ने शुक्रवार ट्वीट कर राहुल भट्ट के परिजनों से मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने राहुल भट के परिजनों से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। दुख की इस घड़ी में सरकार राहुल के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आतंकवादियों और उनके समर्थकों को उनके इस जघन्य कृत्य की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

बता दें कि कश्मीर के बडगाम (Badgam, Kashmir) जिले में गुरुवार (12 मई 2022) को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुसकर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। भट चादूरा के तहसील ऑफिस में राजस्व विभाग में तैनात थे और वे प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे।

जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -