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‘अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है’: महाराष्ट्र के सतारा में लगे पोस्टर, जो जंग शिया-सुन्नी में हुई अब उससे ‘काफिरों’ के खिलाफ भड़काते हैं इस्लामी कट्टरपंथी

पोस्टर में में नए इस्लामी साल की मुबारकबाद देने के साथ कर्बला बड़ा-बड़ा लिखा गया है। इसके साथ ही इसमें कहा गया है- "न घबराओ मुसलमानो अभी खुदा की शान बाकी है, अभी इस्लाम जिंदा अभी कुरआन बाकी है, ये जालीम लोग क्या समझते हैं जो रोज हमसे उलझते हैं, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है।"

महाराष्ट्र के सतारा शहर में खुलेआम किसी ने बड़ा-बड़ा पोस्टर लगाकर ‘कर्बला की जंग’ की बात की है। ये पोस्टर मुस्लिमों को ‘कर्बला की जंग’ के लिए उकसाने जैसा है। इसकी तस्वीर एक्स के पॉपुलर एक्स अकॉउंट लीगल राइट्स ऑब्सरवेट्री ने साझा की है।

पोस्ट में LSO ने सतारा में दिखे पोस्टर को साझा किया है। इसमें नए इस्लामी साल की मुबारकबाद देने के साथ कर्बला बड़ा-बड़ा लिखा गया है। इसके साथ ही इसमें कहा गया है- न घबराओ मुसलमानो अभी खुदा की शान बाकी है, अभी इस्लाम जिंदा अभी कुरआन बाकी है, ये जालीम लोग क्या समझते हैं जो रोज हमसे उलझते हैं, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है।”

इस पोस्ट को साझ करते हुए एलएसओ ने अपने ट्वीट में लिखा- “सतारा के कराड़ में बड़ा बैनर देखा गया जिसमें मुस्लिमों को कर्बला की जंग के लिए तैयार होने को कहा गया है साथ ही हिंदुओं को जालिम लिखा गया है। अब सबकी निगाहें एसपी समीर शेख पर हैं वो इन्हें पकड़ेंगे या काफिर हिंदुओं के सफाए के लिए दंगे होने देंगे। पिछली बार इसी एसपी ने उन लोगों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया था जिन्होंने पाकिस्तानी कट्टरपंथियों को लोकल हिंदू कार्यकर्ताओं के नंबर दिए थे और बाद में उन्हें धमकियाँ मिली थी। उम्मीद है कि इस मामले को देंवेंद्र फडणवीस, डीजीपी महाराष्ट्र, सतारा सांसद गंभीरता से लेंगे और फौरन कार्रवाई की जाएगी।” अपने ट्वीट में LSO ने देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह, पीएम मोदी और पुलिस अधिकारियों को टैग करके कार्रवाई की माँग की है।

बता दें कि मौजूदा जानकारी के अनुसार कर्बला की जंग शिया और सुन्नी के बीच के संघर्ष से संबंधित है लेकिन आज के समय में इस्लामवादी इसका प्रयोग हिंदुओं को काफिर बताकर उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। इसी साल 31 जनवरी 2024 की बात है गुजरात के जूनागढ शहर में अपने 56 मिनट के भाषण के दौरान मुफ्ती सलमान अजहरी ने विवादित बयान देते हुए ऐसी टिप्पणी की थी। अजहरी ने उस भाषण में यही शब्द इस्तेमाल किए थे जिसमें कहा गया था कि अभी कर्बला की अंतिम लड़ाई बाकी है… एक पल की खामोशी फिर शोर मचेगा। आज कुत्तों का समय है कल हमारा आएगा।”

अजहरी ने यह टिप्पणी राम मंदिर के उद्घाटन के बाद की थी। उसने बार-बार हिंदुओं के लिए कुत्ते शब्द का प्रयोग करते हुए कहा था “हमारे यहाँ एक कहावत है – जब ज़मीन खुली छोड़ दी जाती है, तो कुत्ते उस जगह पर कब्ज़ा कर लेते हैं। लेकिन अगर आप ज़मीन का इस्तेमाल करते रहेंगे, तो वह कुत्तों के लिए आश्रय स्थल नहीं बनेगी।” इसी तरह जनवरी 2023 में जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी गुलाम रसूल बलयावी ने कसम खाते हुए कहा था पैगंबर मोहम्मद पर कोई उंगली उठाई गई तो इस्लामवादी युद्ध छेड़ देंगे और हर शहर को ‘कर्बला’ में बदल देंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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