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कभी बीवी, कभी अम्मी, कभी भाभी… हलाला की ‘हॉरर स्टोरी’ फिर वायरल, सन्न कर देगी बुर्के वाली महिला की पीड़ा

महिला का दर्द सुन आप हैरान रह जाएँगे। वीडियो में वह बता रही है निकाह के कई साल बाद तक औलाद न होने की वजह से उसके शौहर ने उसके जीवन का मजाक बना दिया। कभी उसका ससुर से हलाला करवाया गया तो कभी देवर के साथ हलाला करने का दबाव बनाया गया।

सोशल मीडिया पर बरेली की तीन तलाक पीड़िता की एक पुरानी वीडियो वायरल होना शुरू हुई है। इस वीडियो में पीड़िता बता रही है कि कैसे उसके शौहर ने पहले तीन तलाक देकर अपने अब्बा से उसका हलाला कराया और फिर दोबारा तलाक देकर अपने भाई से निकाह करके हलाला करने को कहने लगा।

इस वीडियो को हाल में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने शेयर किया है। महिला का दर्द सुन आप हैरान रह जाएँगे। वीडियो में वह बता रही है निकाह के कई साल बाद तक औलाद न होने की वजह से उसके शौहर ने उसके जीवन का मजाक बना दिया।

वह कहती है, “पहले मैं अपने शौहर के साथ निकाह होकर गई। उसने मुझे तलाक दिया। फिर मेरे ससुर ने मुझसे निकाह किया तो इस हिसाब से मैं अपने शौहर की अम्मी बन गई। फिर से मेरे शौहर ने मुझे छोड़ा। फिर उन्होंने भाई से रिश्ता बनाने को कहा कि मतलब मैं उनकी भाभी बन जाऊँ। इस तरह से मेरे साथ मजाक हो रहा है कि कब मैं उसकी अम्मी बन जाऊँ, भाभी बन जाऊँ, बीवी बन जाऊँ।”

बता दें कि बरेली में मुस्लिम महिला के साथ हुई ज्यादती का यह मामला 2018 का है। मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई थी। 2009 में निकाह के बाद औलाद न होने के कारण पीड़िता को 2017 में तीन तलाक दिया गया था। इसके बाद इंजेक्शन देकर उसका ससुर से हलाला कराया गया। जब पीड़िता की बहन को खबर हुई तो उसने इस बाबत शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि कैसे कई दिन ससुर ने पीड़िता का बलात्कार किया। 

पीड़िता के ऊपर अत्याचार यहीं नहीं रुके। उसका शौहर से दोबारा निकाह हुआ और बदले में दोबारा तलाक ही नसीब हुआ। इस बार शौहर चाहता था कि उसकी बीवी उसके भाई से हलाला करे जिसके लिए महिला नहीं मानी। 2018 की एक वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे महिला ने ट्रिपल तलाक का विरोध करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया था।

बरेली की पीड़िता ने मजहबी ठेकेदारों को करार जवाब देते हुए कहा था कि इन लोगों ने तमाशा बना रखा है। पहले बीवी को तलाक देते हैं, फिर निकाह कराते हैं, फिर हलाला कराने को मजबूर करते हैं। उसने कहा था, ये लोग बंद कमरे में तय कर लेते हैं कि किससे हलाला करवाना है, चाहे वो बाप के समान हो या कोई भाई जैसा। ये लोग बातों बाहर जाने ही नहीं देते। उन्होंने पूछा था कि शरीयत का हवाला देकर तीन तलाक को जायज बताने वाले बताएँ कि क्या बुआ-भतीजे, भाई-बहन का रिश्ता जायज होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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